कानपुर की विरासत और उद्योग से परिचित हुए कश्मीरी युवा
Tags: Cultural Exchange Program, Kanpur news, newsKanpur News
कानपुर में कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत आए युवाओं ने शहर के ऐतिहासिक, धार्मिक और औद्योगिक स्थलों का भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कानपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गंगा-जमुनी तहजीब और औद्योगिक पहचान से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत कानपुर प्राणी उद्यान से हुई, जहां विशेषज्ञों ने वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। युवाओं ने विभिन्न प्रजातियों को करीब से देखा और प्राकृतिक संरक्षण के प्रयासों को समझा।
इसके बाद दल जाजमऊ स्थित हजरत मखदूम शाह अलाउल हक दादा मियां दरगाह पहुंचा। यहां उन्हें सूफी परंपरा, धार्मिक सद्भाव और गंगा-जमुनी संस्कृति की विरासत के बारे में बताया गया। युवाओं ने दरगाह परिसर का भ्रमण कर सामाजिक समरसता का संदेश भी ग्रहण किया। कार्यक्रम का अहम हिस्सा कानपुर के ऐतिहासिक चमड़ा उद्योग से परिचय रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि कानपुर का लेदर उद्योग न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार का बड़ा स्रोत है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान रखता है। युवाओं को उत्पादन प्रक्रिया, निर्यात क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान में इस उद्योग की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके अलावा प्रतिभागियों ने एक प्रिंटिंग प्रेस का दौरा कर समाचार पत्र निर्माण की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देखा। उन्हें बताया गया कि कैसे खबरें संपादन से लेकर छपाई तक पहुंचती हैं और फिर पाठकों तक वितरित की जाती हैं। जिला युवा अधिकारी अनुपम कैथवास ने जानकारी दी कि आगामी दिनों में संवाद सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अनुभव साझा करने की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस आदान-प्रदान कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और आपसी सहयोग को मजबूत करना है।