UP: शादीशुदा बेटी की खातिर रची थी हत्या की साजिश, पहचान की गलती में दूसरे युवक की चली गई जान
आगरा के बरहन में कैफे संचालक हत्याकांड का खुलासा, पिता-पुत्र समेत चार आरोपी गिरफ्तार
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बरहन थाना क्षेत्र में सामने आए कैफे संचालक हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी किसी और युवक की हत्या करना चाहते थे, लेकिन पहचान में हुई चूक के चलते उन्होंने निर्दोष युवक की बेरहमी से हत्या कर दी।
सड़क किनारे मिली थी युवक की लाश, पहले माना गया हादसा
यह मामला 19 दिसंबर का है, जब बरहन थाना क्षेत्र में पुनीत सिसोदिया का खून से लथपथ शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। मृतक के ममेरे भाई मुकेश चौहान ने पुलिस को सूचना दी और शुरुआती तौर पर इस घटना को सड़क हादसा मानते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि, घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ और जांच का दायरा बढ़ाया गया।
CCTV फुटेज से खुला हत्या का राज
पुलिस ने जब घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो कहानी पूरी तरह बदल गई। फुटेज में साफ दिखा कि पुनीत बाइक से जा रहा था और उसके आसपास किसी अन्य वाहन की मौजूदगी नहीं थी। ऐसे में हादसे की संभावना खत्म हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या मानते हुए गहन जांच शुरू की।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
शक के आधार पर पुलिस ने भानु प्रताप नामक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने जो कहानी बताई, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसकी मंशा पुनीत की नहीं, बल्कि उसके ममेरे भाई मुकेश की हत्या करने की थी।
शादीशुदा बेटी की वजह से रची गई थी साजिश
आरोपी भानु प्रताप ने पुलिस को बताया कि मुकेश उसकी शादीशुदा बेटी को परेशान कर रहा था। बेटी की शादी को करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन मुकेश उसे लगातार धमका रहा था और उसकी तस्वीरें वायरल करने की धमकी दे रहा था। इस वजह से बेटी का वैवाहिक जीवन खतरे में पड़ गया था। इसी आक्रोश में भानु प्रताप ने मुकेश की हत्या की साजिश रची।
पहचान की गलती बन गई मौत की वजह
पुलिस के मुताबिक, भानु प्रताप, उसका बेटा अनुज धाकरे और दो कर्मचारी मोहित व अनिरुद्ध ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। चारों ने पहले मुकेश की रेकी की और 19 दिसंबर को उसे मारने के लिए निकले। उसी दिन मुकेश की बाइक लेकर उसका ममेरा भाई पुनीत कैफे से निकला था। सर्दी के कारण पुनीत ने चेहरे पर मफलर बांध रखा था, जिससे आरोपी उसे पहचान नहीं सके।
लाठी-डंडों से पीटकर कर दी हत्या
आरोपियों ने रास्ते में पुनीत को रोक लिया और उसे मुकेश समझकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि मौके पर ही पुनीत की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। अगले दिन सुबह पुनीत का शव खून से लथपथ सड़क किनारे मिला।
चारों आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने इस हत्याकांड में भानु प्रताप, उसके बेटे अनुज धाकरे, मोहित और अनिरुद्ध को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह मामला दिखाता है कि बदले और आक्रोश में उठाया गया एक गलत कदम किस तरह निर्दोष की जान ले सकता है।