रैटल परियोजना विवाद में नया मोड़, पुलिस की चेतावनी से गरमाई राजनीति
रैटल जलविद्युत परियोजना पर सुरक्षा को लेकर विवाद, 29 मजदूरों की पृष्ठभूमि पर सवाल
किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चल रही रैटल जलविद्युत परियोजना को लेकर एक नया सुरक्षा विवाद सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले महीने एक पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि परियोजना में कार्यरत 29 मजदूरों की पृष्ठभूमि “आतंकवादी या आपराधिक” हो सकती है। इस पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
पुलिस की चेतावनी से बढ़ी चिंता
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अपने पत्र में संबंधित एजेंसियों को आगाह किया था कि इन मजदूरों के दस्तावेजों और पहचान की दोबारा गहन जांच की जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि किसी भी संवेदनशील परियोजना में काम करने वाले श्रमिकों की पृष्ठभूमि का सत्यापन बेहद जरूरी है, ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि यह चेतावनी एहतियातन दी गई है और इसका उद्देश्य सुरक्षा जोखिमों को न्यूनतम करना है।
बीजेपी विधायक शगुन परिहार की प्रतिक्रिया
इस मामले पर किश्तवाड़ से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधायक शगुन परिहार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस की चेतावनी ने उनके पहले लगाए गए आरोपों को सही साबित कर दिया है। शगुन परिहार ने पहले भी सवाल उठाए थे कि रैटल परियोजना में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा जांच सही तरीके से नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की रणनीतिक और महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
प्रशासन से जांच की मांग
विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए और जिन मजदूरों की पृष्ठभूमि पर संदेह है, उन्हें तुरंत परियोजना से हटाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए सख्त और पारदर्शी सत्यापन प्रक्रिया लागू की जानी चाहिए।
परियोजना अधिकारियों का पक्ष
वहीं, रैटल जलविद्युत परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि वे सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं और पुलिस व प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यदि किसी मजदूर के खिलाफ ठोस और प्रमाणित जानकारी सामने आती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना की अहमियत
रैटल जलविद्युत परियोजना जम्मू-कश्मीर की एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना मानी जाती है, जिससे बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर उठा यह विवाद परियोजना की निगरानी और कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर रहा है।
फिलहाल, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की समीक्षा कर रही हैं और आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।