नोएडा में रियल एस्टेट धोखाधड़ी का बड़ा मामला: 75 लाख निवेश कराकर 43 करोड़ का मुनाफा हड़पने का आरोप

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नोएडा। आवासीय परियोजना में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नोएडा सेक्टर-62 स्थित रियल एस्टेट से जुड़ी दो कंपनियों के चार डायरेक्टरों के खिलाफ 75–76 लाख रुपये का निवेश कराकर करीब 43 करोड़ रुपये का मुनाफा हड़पने, जान से मारने की धमकी देने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में केस दर्ज किया गया है। यह एफआईआर कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-58 थाना पुलिस ने दर्ज की है।

25% हिस्सेदारी का झांसा, मुनाफा नहीं मिला


दिल्ली के करोल बाग निवासी रविंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि वह रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। आरोप है कि 1 जून 2023 को मेसर्स केआरए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर निखिल आनंद, पूर्व डायरेक्टर परविंदर सिंह और मेसर्स मास्टर्स इंफ्रा के डायरेक्टर गुरचण सिंह व मनप्रीत सिंह ने होटल ताज पैलेस में उनसे मुलाकात की। चारों ने एचएएल कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित एक आवासीय परियोजना में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का प्रस्ताव दिया और इसके बदले करीब 76 लाख रुपये निवेश कराए।

पीड़ित का दावा है कि उन्हें बताया गया था कि परियोजना से करीब 500 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा, जिसमें उनका हिस्सा लगभग 43.5 करोड़ रुपये बनता है। हालांकि, बाद में कंपनी तो गठित कर दी गई, लेकिन उन्हें न तो शेयरधारक बनाया गया और न ही मुनाफे की कोई रकम दी गई।

धमकी और जबरन बाहर निकालने का आरोप


रविंद्र सिंह के अनुसार, जब उन्होंने अपनी हिस्सेदारी और मुनाफे को लेकर सवाल उठाए, तो आरोपियों ने उन्हें धमकाकर ऑफिस से बाहर निकाल दिया। इसके बाद जब उन्होंने अपना मूल धन वापस मांगा, तो अंडरवर्ल्ड से जुड़े शूटरों के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई।

बैठकें हुईं, समाधान नहीं निकला


पीड़ित ने बताया कि होटल क्लेरिज में भी दो बार बैठक हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। बाद में आरोपियों ने उनके फोन कॉल्स का जवाब देना भी बंद कर दिया।

पहले से केस और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप


शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निखिल आनंद के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पीड़ित का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री कम कीमत पर दिखाकर स्टांप ड्यूटी की चोरी की गई और काले धन से संपत्तियां खरीदी गईं। इसके अलावा, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण कर देश से फरार होने की आशंका भी जताई गई है।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर


पीड़ित ने ईओडब्ल्यू और पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट की शरण ली गई। कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-58 थाना पुलिस ने केआरए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर निखिल आनंद, परविंदर सिंह और मास्टर्स इंफ्रा के डायरेक्टर गुरचण सिंह व मनप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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