नोएडा में मोबाइल लूट के बाद ब्लैकमेलिंग का नया तरीका उजागर, 3 शातिर बदमाश गिरफ्तार
पार्कों में कपल को निशाना बनाकर करते थे वसूली, 12 लूटे मोबाइल बरामद
नोएडा सेक्टर-58 थाना पुलिस ने मोबाइल लूट के बाद कपल के वीडियो और फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले एक नए तरह के गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 12 लूटे गए मोबाइल फोन, एक तमंचा, जिंदा कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
लूटे गए मोबाइल से बनाते थे वीडियो, फिर करते थे ब्लैकमेल
पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले कार से रेकी करते थे और राहगीरों से मोबाइल फोन छीन लेते थे। इसके बाद उन्हीं मोबाइलों का इस्तेमाल कर पार्कों में बैठे नए कपल की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करते थे। इन वीडियो और तस्वीरों के जरिए कपल को डराकर उनसे मोबाइल फोन और नकदी वसूली जाती थी। पहचान छिपाने के लिए आरोपी लूटे गए फोन दिल्ली में बेच देते थे।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
नोएडा एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि थाना क्षेत्र के पार्कों में कपल को ब्लैकमेल करने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेक्टर-58 थाने में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थलों और पार्कों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की। शनिवार रात जैसे ही आरोपी दोबारा वारदात के इरादे से नोएडा पहुंचे, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रितेश (जिला शाहजहांपुर), गजेंद्र सोलंकी (जिला कासगंज) और पवन (जिला बरेली) के रूप में हुई है। तीनों गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे।
हथियार के दम पर देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस ने बताया कि आरोपी हथियार दिखाकर मोबाइल लूटते थे। हाल ही में सेक्टर-62 में एक डिलीवरी बॉय और एक ऑफिस से लौट रहे व्यक्ति से मोबाइल छीनने की घटनाओं को भी इन्हीं बदमाशों ने अंजाम दिया था। इसके बाद उन्हीं फोन का इस्तेमाल कर कपल की वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू की गई।
नशे की लत ने बनाया अपराधी
पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी कैब चालक के तौर पर काम करते थे, लेकिन नशे की लत के चलते लूट और स्नैचिंग की राह पर उतर आए। पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक 60 से 70 मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कितने कपल से अब तक वसूली की गई है।
फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करा रही है, ताकि उनमें मौजूद फोटो और वीडियो के जरिए पीड़ितों की पहचान की जा सके। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।