नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, बीमा के नाम पर ठगी करने वाले 13 आरोपी गिरफ्तार
साइबर क्राइम और सेक्टर-63 पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
नोएडा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों से ठगी करने वाले 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम गौतमबुद्धनगर और थाना सेक्टर-63 की संयुक्त टीम ने की। पुलिस ने सेक्टर-63 स्थित एच-198 भवन में छापा मारकर इस फर्जी कॉल सेंटर को पकड़ा, जहां से ठगी का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
बीमा कंपनियों का नाम लेकर करते थे ठगी
डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी खुद को नामी बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे। वे बंद पड़ी बीमा पॉलिसी को रिन्यू कराने, किस्त न जमा होने वाली पॉलिसी के बदले बोनस दिलाने और नई बीमा पॉलिसी दिलाने का लालच देते थे। इस बहाने लोगों से मोटी रकम ठग ली जाती थी।
फर्जी नंबर और खरीदा गया डेटा करता था शक से दूर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि कॉल सेंटर दिखावे के तौर पर केवल दो बीमा कंपनियों के लिए काम करता था, जबकि असल में आरोपी बाजार से अन्य बीमा कंपनियों का डेटा खरीदते थे। इसी डेटा के आधार पर बीमा धारकों और नए ग्राहकों को फोन किया जाता था।
फर्जी खातों में डलवाते थे ठगी की रकम
पुलिस के मुताबिक, ठगी से हासिल की गई रकम को अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में डलवाया जाता था। बाद में इस रकम को आपस में बांट लिया जाता था। आरोपी लंबे समय से इस नेटवर्क को चला रहे थे और रोजाना कई लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।
छापेमारी में भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान ठगी में इस्तेमाल होने वाला बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है। इसमें
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2 लैपटॉप (चार्जर सहित)
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1 मॉडम (चार्जर सहित)
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1 पीएनटी टेली कॉलर
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31 मोबाइल फोन
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721 वर्क से जुड़ा दस्तावेजी डेटा
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2 डायरियां
बरामद दस्तावेजों में कॉलिंग स्क्रिप्ट, ग्राहकों का डेटा और लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज थीं।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में कॉल सेंटर का सीईओ छत्रपाल शर्मा समेत सत्यम, समीर, राज सलाउद्दीन, ईश्वर कर्माली, सुहैल, विवेक कुमार, सुमित कुमार, मोहम्मद आसिफ, राजीव कुमार, मिथिलेश और हरिओम शामिल हैं। आरोपी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं और नोएडा में किराये पर मकान व ऑफिस लेकर कॉल सेंटर चला रहे थे।
पुलिस कर रही गहन जांच
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की गहन जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगा और कुल कितनी रकम की ठगी की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और खुलासे हो सकते हैं।