नोएडा के होटलों की फायर सेफ्टी जांच में मिलीं बड़ी खामियां, पांच को नोटिस
- दिल्ली मालविय नगर की घटना के बाद फायर विभाग अलर्ट
- 15 से 20 दिन में सुधार नहीं हुआ तो लाइसेंस पर संकट
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित बुधवार को होटल में हुई आग की घटना के बाद नोएडा फायर विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। फायर बिग्रेड की स्पेशल टीम गुरुवार को जिले के 23 होटलों में विशेष जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान कई होटलों में फायर सेफ्टी व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलीं। फायर विभाग ने पांच होटल संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इन होटलों में पानी का कम प्रेशर, पानी व्यवस्था और सिस्टम संचालन टीम में कमियां पाई गई है। पुलिस एक सप्ताह तक अभियान चलाएगी।
सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि सेक्टर 104 में करीब पांच होटल, सेक्टर 18 में दस और बाकी के अन्य होटलों अभियान चलाया गया। जांच में कई मिलीं। फायर सिस्टम का संचालन करने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला था। कुछ होटलों में पानी स्टोर करने के लिए टंकी नहीं बनवाई गई थी। साथ ही कई जगह पानी की टंकियां निर्धारित मानकों से छोटी पाई गईं। इसके अलावा कुछ होटलों में फायर सिस्टम में पानी का प्रेशर भी काफी कम मिला, जिससे आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है।
मजिस्ट्रेट लिखा जाएगा लेटर
जांच के दौरान सेक्टर-104 स्थित छवि होटल में भी फायर सिस्टम में पानी का प्रेशर कम पाया गया। इस पर अधिकारियों ने होटल संचालक को फटकार लगाई और तुरंत तकनीकी जांच कर खामी दूर करने के निर्देश दिए। फायर विभाग की टीम ने आसपास के अन्य होटलों में भी निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि जिन होटलों में कमियां मिली हैं, उन्हें 15 दिन के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का समय दिया गया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी कर यह भी पूछा गया है कि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। यदि निर्धारित समय सीमा में कमियां दूर नहीं की गईं तो फायर विभाग संबंधित मामलों की रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को भेजेगा और होटल का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश करेगा।
घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी
फायर विभाग ने होटल संचालकों को आग से बचाव के लिए सभी सुरक्षा उपकरणों को हमेशा चालू हालत में रखने, कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने और समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में विभाग की टीम विभिन्न होटलों में मॉक ड्रिल भी करा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कर्मचारियों और मेहमानों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। फायर अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।