निक्की हत्याकांड: आरोपी सास दया की जमानत याचिका खारिज, अदालत ने माना मामला बेहद गंभीर
सिरसा गांव हत्याकांड अपडेट
सिरसा गांव में हुए चर्चित निक्की हत्याकांड में आरोपी सास दया को बड़ा झटका लगा है। बुधवार को सत्र न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ कहा कि इस स्तर पर आरोपी को रिहा करना न्यायोचित नहीं होगा।
21 अगस्त को हुई थी निक्की की निर्मम हत्या
गौरतलब है कि 21 अगस्त को सिरसा गांव में विवाहिता निक्की की जलाकर हत्या कर दी गई थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पति विपिन, सास दया, जेठ रोहित और ससुर सतवीर को आरोपी बनाया गया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद दायर हुई जमानत याचिका
पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने सास दया की ओर से जमानत याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका पर बुधवार को सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई।
अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान निक्की पक्ष की ओर से अधिवक्ता उधम सिंह तोंगड़ और दिनेश कुमार कल्सन ने मजबूत पैरवी की। उन्होंने अदालत को बताया कि यह मामला घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न से जुड़ा गंभीर अपराध है। अदालत ने आरोपी पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है।
कोर्ट ने यह भी माना कि यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया गया, तो वह साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
आगे की कार्रवाई पर नजर
जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब सभी आरोपी जेल में ही रहेंगे। निक्की के परिजनों ने अदालत के फैसले पर संतोष जताया है और उम्मीद की है कि उन्हें न्याय मिलेगा। फिलहाल पूरा मामला अदालत में विचाराधीन है और आगे की सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।