मीडिया वाली

Youtube Live
ब्रेकिंग न्यूज़
नवीनतम समाचार लोड हो रहे हैं...

मेट्रो स्टेशनों से मोबाइल चोरी करने के आरोप में टैक्सी चालक और फेरी वाला गिरफ्तार

Tags:
मोबाइल चोरी

सेक्टर 20 थाना पुलिस ने दोनों के पास से 49 मोबाइल फोन बरामद किया

Mediawali news, नोएडा

दिल्ली और नोएडा के मेट्रो स्टेशनों के आसपास भीड़भाड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी करने के आरोप में सेक्टर-20 थाना पुलिस दो युवकों को गिरफ्तार किया है। साथ ही दोनों के पास से चोरी के 49 मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद किया है। पूछताछ में आरोपियों ने मेट्रो स्टेशन, रोडवेज और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को निशाना बनाकर मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।

एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के नबीकरीम निवासी 39 वर्षीय विक्की और गाजियाबाद के लोनी निवासी 24 वर्षीय आसिफ के रूप में हुई है। दोनों एक-दूसरे के करीबी दोस्त हैं और लंबे समय से मिलकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिल्ली और नोएडा के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के बाहर और अंदर लगने वाली भीड़ पर नजर रखते थे। जैसे ही किसी यात्री का ध्यान भटकता या भीड़ का दबाव बढ़ता, आरोपी जेब या बैग से मोबाइल निकालकर मौके से फरार हो जाते थे। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विक्की ने केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की है। वह दिल्ली में टैक्सी चलाने का काम करता था, लेकिन अतिरिक्त कमाई के लालच में अपराध की दुनिया में उतर गया। उसका साथी आसिफ दूसरी कक्षा तक पढ़ा है और कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता है। दोनों ने अपने वैध रोजगार की आड़ में चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया और धीरे-धीरे पेशेवर मोबाइल चोर बन गए। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह भीड़भाड़ वाले मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप और बाजारों को अपना प्रमुख निशाना बनाता था।

वारदात के दौरान यदि कोई व्यक्ति विरोध करता या आरोपियों को पकड़ने की कोशिश करता तो वे चाकू दिखाकर उसे डराते-धमकाते और मौके से भाग निकलते थे। आरोपियों के पास से बरामद चाकू का इस्तेमाल भी इसी उद्देश्य से किया जाता था। एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी के 49 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा सके। पुलिस मोबाइलों के आईएमईआई नंबर के आधार पर यह भी पता लगा रही है कि वे किन-किन थाना क्षेत्रों से चोरी हुए थे और उनके संबंध में दर्ज केस का निस्तारण किया जा सके।

आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास

जांच में आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। मुख्य आरोपी विक्की वर्ष 2009 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके खिलाफ दिल्ली और नोएडा के विभिन्न थानों में चोरी सहित अन्य धाराओं में छह केस दर्ज हैं। वहीं, आसिफ के खिलाफ मथुरा और नोएडा के अलग-अलग थानों में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी सत्यापन कर रही है। पता चला है कि दोनों केवल दो लोगों का गिरोह नहीं हैं, बल्कि इनके साथ कई अन्य साथी भी जुड़े हुए हैं। चोरी के मोबाइलों को ठिकाने लगाने और उन्हें दूसरे राज्यों में बेचने के लिए भी एक नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

चला था विशेष अभियान

एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि मेट्रो स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार मिल रही मोबाइल चोरी की शिकायतों के बाद विशेष निगरानी अभियान चलाया गया था। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के दौरान दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। साथ ही बरामद मोबाइलों की पहचान कराने और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios