मैट्रिमोनियल साइट से ‘प्यार’ का जाल, करोड़ों की ठगी करने वाला नाइजीरियन आरोपी गिरफ्तार

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नोएडी के साथ देश के अन्य राज्यों की महिलाओं को मैट्रिमोनियल साइट और सोशल मीडिया के जरिए प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों रुपये ठगने वाले एक नाइजीरियन को साइबर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़ा है। आरोपी खुद को बिजनेस मैन होने के बारे में जानकारी देता था। प्रोफाइल पर फोटो बदलकर महिलाओं से बातचीत शुरू करता था। दोस्ती होने के बाद महिलाओं को भेजे गए गिफ्ट के फंसने की बात बोलकर उनसे रुपये ठगी शुरू किया। घटना में उपयोग की जाने वाले पांच मोबाइल, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, वाई-फाई राउटर, डोंगल, सिम कार्ड, विदेशी मुद्रा (नायरा 1800) और अलग-अलग नामों के पासपोर्ट समेत कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। वहीं आरोपी के खिलाफ तेलंगाना समेत अन्य राज्यों में भी केस दर्ज हैं। उसके लैपटॉप और टैबलेट से कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है।

डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी की पहचान सैमुअल ओगुन उर्फ स्टेपनी डेरिक (38) के रूप में हुई है, जो नाइजीरिया के बेनिन सिटी का रहने वाला है। पुलिस ने उसे हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी आरोपी मैट्रिमोनियल साइट्स पर जीवनसाथी की तलाश कर रही महिलाओं को टारगेट करता था। वह खुद को कभी बिजनेसमैन तो कभी विदेश में रहने वाला व्यक्ति बताकर उनसे बातचीत शुरू करता था। भरोसा जीतने के बाद वह प्यार का नाटक करता और शादी का झांसा देता था। इसके बाद आरोपी कहता था कि वह विदेश से पीड़िता के लिए महंगा गिफ्ट या पार्सल भेज रहा है। कुछ दिन बाद वह खुद ही कॉल या मैसेज करके बताता कि पार्सल एयरपोर्ट पर कस्टम में फंस गया है और उसे छुड़ाने के लिए पैसे जमा करने होंगे। इसी बहाने वह अलग-अलग खातों में पैसे डलवाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने इसी तरीके से नोएडा के दो महिलाओं को अपना शिकार बनाया। साइबर क्राइम थाने में दर्ज दो मामलों में उसने एक महिला से करीब 56 लाख रुपये और दूसरी से 1.26 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पुलिस अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही उसे गुरुवार कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

 

फर्जी पहचान और पासपोर्ट बनाकर शुरू किया ठगी

पूछताछ में यह भी पता चला कि वह फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों से पैसे ऐंठता था। आरोपी के पास अलग-अलग नाम और नागरिकता के पासपोर्ट मिले हैं। पुलिस के अनुसार, जब एक पासपोर्ट अमान्य हो जाता था, तो वह दूसरे देश जाकर नई पहचान से नया पासपोर्ट बनवा लेता था और फिर भारत आकर ठगी शुरू कर देता था। उसके पास कई फर्जी दस्तावेज मिले हैं, जिनका इस्तेमाल वह अपनी पहचान छिपाने में करता था।

 

एक साथ कई महिलाओं से करता था बात

पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह एक समय में 15-16 महिलाओं से अलग-अलग नामों से बातचीत करता था। वह इंटरनेट से अच्छी प्रोफाइल फोटो डाउनलोड कर उनका इस्तेमाल करता और खुद को अमीर व सफल व्यक्ति दिखाता था। इसके जरिए वह आसानी से लोगों का भरोसा जीत लेता था। आरोपी महिलाओं से मिलने कभी नहीं जाता था। वहीं एक सिम से तीन से चार लोगों से बातचीत करने बाद उसे तोड़कर फेंक देता था। आरोपी कहां से सिम प्राप्त करता है। उसके बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिस की अपील और सावधानी

डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:

  • अनजान प्रोफाइल पर तुरंत भरोसा न करें

  • विदेश से पार्सल या कस्टम बहाने पर पैसे न भेजें

  • फर्जी लोन ऑफर से सावधान रहें

  • संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें

  • या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

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