क्रिप्टो करेंसी के नाम पर 12 लाख लेकर भागे बीबीए और बीकॉम के पास आउट गिरफ्तार
Tags: क्रिप्टो करेंसीबिजनेसमैन को सेक्टर 28 में बुलाकर बैग लेकर हुए थे फरार, पुलिस ने 11.49 लाख रुपये किया बरामद
Mediawali news, नोएडा
नोएडा में क्रिप्टो करेंसी दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से करीब 12 लाख रुपये लेकर भागने वाले दो युवकों को सेक्टर-20 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बीबीए और बीकॉम से पास आउठ हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 11.49 लाख रुपये कैश, एक चेकबुक, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड बरामद किया है। साथ ही कुछ लोगों के साथ में इस तरह की धोखाधड़ी करने की जानकारी मिली है। इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि सेक्टर-104 में रहने वाले एक बिजनेसमैन ने क्रिप्टो करेंसी खरीदने के लिए आरोपियों से संपर्क किया था। इसके बाद चारों आरोपियों ने उसे सेक्टर-28 में बुलाया। यहां सौदे के बहाने पीड़ित से रुपयों से भरा बैग लिया और फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-20 थाना पुलिस ने जांच शुरू की। लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने शुक्रवार को सेक्टर-27 स्थित कैम्ब्रिज स्कूल के पास सर्विस रोड से उमेर खान और अनुराग पारासरी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की उम्र 22 साल है। उमेर खान सेक्टर-50 का रहने वाला है और बीबीए पास आउट है, जबकि बरेली निवासी अनुराग पारासरी वर्तमान में सेक्टर-128 में रहता है। उसने बीकॉम तक पढ़ाई की है। पूछताछ में सामने आया है कि वारदात में इनके दो साथी राहुल डागर, सागर डागर भी शामिल थे। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस का कहना है कि ये लोग वॉट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क करते हैं। इसके बाद उन्हें जानकारी दी जाती है कि उनके पास पहले से खरीदी गई क्रिप्टो करेंसी है। जिसे बेचने के लिए आरोपी पीड़ितों को कैश रुपये लेकर कहीं सुनसान इलाके में बुलाते हैं। वहां से कैश रुपये लेकर फरार हो जाते हैं।
पीड़ित पीएचडी कर कूलर, एसी का करते हैं बिजनेस
पुलिस ने बताया कि सेक्टर 104 में रहने वाले सोनू सिंह एसी, कूलर की दुकान चलाते हैं। उन्होंने अनुराग पारासरी से कैश के बदले में क्रिप्टो करेंसी उपलब्ध कराने की बातचीत की थी। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग और तकनीकी साक्ष्य मिल चुके हैं। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने पहले कितने लोगों को इसी तरह निशाना बनाया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि क्रिप्टो करेंसी या किसी भी निवेश से जुड़े लेनदेन केवल अधिकृत और विश्वसनीय माध्यमों से ही करें तथा बड़ी नकदी लेकर अजनबियों से मिलने से बचें। जिले में इस प्रकार के फर्जीवाड़े पहले भी सामने आ चुके हैं। पुलिस ने सोनू से जो रकम ठगी थी, शत प्रतिशत बरामदगी की गई है।