कानपुर के पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का घूस लेते VIDEO: एक वीडियो में खुद पैसे लिए, दूसरे में चपरासी को दिलवाया

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कानपुर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के घूस लेते 2 वीडियो सामने आए हैं। पहले वीडियो में वह खुद पैसे लेते दिख रहे हैं। दूसरे वीडियो में एक आदमी नोट को कागजों में लपेट रहा है, तो अधिकारी मना कर देते हैं।इसके बाद अपने चपरासी की तरफ इशारा करते है। फिर वो आदमी चपरासी को पैसे दे देता है। ये दोनों वीडियो उनके ऑफिस के ही है। वीडियो सामने आने के बाद जांच बैठा दी गई है। CDO ने कहा- मामला गंभीर है। वीडियो के आधार पर इसकी जांच कराई जाएगी। वहीं पैसा देने वाले युवक ने वीडियो जारी करके पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी से 25 हजार रुपए उधार लेने की बात कही है।

अब पढ़िए पूरा मामला

कानपुर में बीरपाल जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पर शिक्षण संस्थानों को लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप है। उनके रिश्वत लेने के दो वीडियो सामने आए है।

पहला वीडियो

पहले वीडियो में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल कुर्सी पर बैठे हुए हैं। वह मोबाइल पर कुछ काम कर रहे हैं। इसी बीच धारीदार चेक की शर्ट पहने हुए एक बुजुर्ग आता है और उनको कुछ नोट देता है। नोटों को लेकर वह रख लेते हैं। इसके बाद उन दोनों के बीच बातचीत होती है।

दूसरा वीडियो

दूसरे वीडियो में वह कार्यालय में बैठकर रजिस्टर में कुछ काम कर रहे हैं। इसी बीच एक व्यक्ति आकर मेज पर कागज में कुछ नोटों को लपेटता है। तभी आवाज आती है कि यहां कैमरे है। व्यक्ति नोटों को कागज में लपेटकर देता है।अधिकारी बोले- जो बोला है वह कराओ

लिपटे नोटों को देखकर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पूछते हैं: अधिकारी : कितने है? घुस देने वाला : 20 हैं। अधिकारी : जो कहा है वह करो। घुस देने वाला : सर 5 हम फिर करा देंगे। अधिकारी : पूरे कराओ। घुस देने वाला : हम कल भिजवा देंगे। मास्टर साहब आएंगे। अधिकारी : बुलाओ। घुस देने वाला उत्तम नाम के व्यक्ति को आवाज लगाता हुआ बाहर जाता है। तभी चपरासी अंदर आता है। एक युवक को दिलाए नोट बोले गिनना नहीं इसके बाद पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को जब लिपटे हुए नोट दिए जाते हैं, तो वह कहते हैं इनको दे दो। इसी बीच कैमरे में टीशर्ट पहने और चश्मा लगाए हुए एक युवक कैद होता है जो कि कागज में लिपटे हुए नोटों को ले लेता है। गिनने की बात पर बीरपाल कहते हैं कि गिनना नहीं।

मामले में सीडीओ दीक्षा जैन ने बताया-

” मामला संज्ञान में आया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। जांच कराई जा रही है।

पैसे देने वाले ने सफाई दी, लेकिन दिख कुछ और रहा मामले में रुपए देने वाले मिथलेश कुमार त्रिपाठी ने खुद को एक निजी आईटीआई कॉलेज का कर्मचारी बताया है। उन्होंने वीडियो जारी करके पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी से 25 हजार रुपए उधार लेने और उसके बाद वापस किए जाने की बात कही है। लेकिन वीडियो में बातचीत के दौरान साफ समझा जा सकता है कि रुपया किस मकसद से लिया गया है।व्यक्ति ने सफाई में जो वीडियो वायरल किया है, उसमें वह मोबाइल से खुद वीडियो बनवाने और उसके बाद मोबाइल खोने की बात भी कह रहा है। सफाई देने वाले वीडियो में वह कई बार रुक रहा और घबराया हुआ नजर आ रहा है।

अधिकारी का एक पत्र भी वायरल

मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लिखा- 5 नवंबर और 13 नवंबर को स्टांप पेपर के लिए रुपए उधार लिए गए थे। उन्होंने दो युवकों पर वायरल वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करने की बात भी कही है।

Rishu Kumar
Rishu Kumar
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