जेब खर्च और शौक के चक्कर में कम उम्र में बने लुटेरे, तीन आरोपी गिरफ्तार

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गिरोह का मुख्य सरगना फरार, तलाश में जुटी पुलिस टीम

जेब खर्च, शौक और उधार चुकाने के लिए अपराध की राह चुनने वाले तीन नाबालिग–युवकों को सेक्टर-113 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों की उम्र 20 साल से कम है और ये सुबह रेकी कर रात में लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है, जिसकी तलाश में एक विशेष टीम लगाई गई है।

जनसेवा केंद्र में हथियार के बल पर लूट

डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि कुछ दिन पहले सेक्टर-73 सर्फाबाद गांव स्थित एक जनसेवा केंद्र पर रात करीब 10 बजे लूट की घटना हुई थी। केंद्र संचालक अपने सात वर्षीय बेटे के साथ मौजूद था, तभी बदमाशों ने हथियार के बल पर करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और एक लैपटॉप लूट लिया। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल दो टीमें गठित कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी से मिली अहम सुराग

घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में सामने आया कि तीन बदमाश बाइक से मौके पर पहुंचे थे। एक आरोपी बाहर बाइक स्टार्ट कर खड़ा रहा, जबकि दो अंदर घुसकर लूट को अंजाम देकर फरार हो गए। फुटेज के आधार पर पुलिस ने बदमाशों की पहचान की और जब वे दोबारा वारदात की फिराक में इलाके में पहुंचे, तो घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया गया।

आरोपी कौन हैं?

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

  • जाहिद अली उर्फ पपला (19 वर्ष) – इकोटेक-3 क्षेत्र निवासी

  • तरुण (20 वर्ष) – मुंडाली, मेरठ निवासी

  • पुष्पेंद्र उर्फ भोला (18 वर्ष) – स्याना, बुलंदशहर निवासी

पुलिस ने इनके कब्जे से 95 हजार रुपये नकद और एक लैपटॉप बरामद किया है। तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

मोबाइल नहीं रखते थे, जगह बदलकर रहते थे

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। वारदात के बाद वे लगातार ठिकाने बदलते रहते थे। रुपये खत्म होने पर आपस में संपर्क कर दोबारा लूट की योजना बनाते थे। ये तीनों बाइक चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं में भी शामिल रहे हैं।

तीन दिन तक की रेकी

एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल के अनुसार, आरोपियों ने वारदात से पहले तीन दिन तक जनसेवा केंद्र की रेकी की थी। उन्होंने यह भी पता लगाया कि किस समय भीड़ कम रहती है और रोजाना कितना कैश रहता है। चौथे दिन मौका देखकर लूट को अंजाम दिया गया।

सरगना ने सिखाया तरीका, खुद फरार

एसीपी ट्विंकल जैन ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना देवेश उर्फ कुक्की है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। उसी ने तीनों युवकों को लूट की ट्रेनिंग दी और वारदात की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि लूट के दौरान सरगना भी शामिल था, लेकिन वह मौके से फरार हो गया।

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