ग्रेटर नोएडा: लिफ्ट में बुजुर्ग महिला से स्नैचिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, एसीपी और एसएचओ हटाए गए

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गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला से लिफ्ट के अंदर हुई स्नैचिंग की घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। देर रात आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान इस मामले की समीक्षा करते हुए बिसरख थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

लिफ्ट में हुई थी वारदात

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले बिसरख थाना क्षेत्र की एक आवासीय सोसायटी में बुजुर्ग महिला के साथ लिफ्ट के अंदर स्नैचिंग की वारदात हुई थी। घटना के बाद पीड़िता के साथ-साथ सोसायटी के अन्य निवासियों में भी दहशत का माहौल बन गया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। शुरुआती जांच और कार्रवाई को लेकर असंतोष जताया जा रहा था, जिसे पुलिस आयुक्त ने गंभीरता से लिया।

क्राइम मीटिंग में लिया गया बड़ा फैसला

देर रात आयोजित क्राइम मीटिंग में पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने पूरे घटनाक्रम की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बिसरख थाने के एसएचओ मनोज सिंह और एसीपी दीक्षा सिंह को उनके पद से हटा दिया गया।

सख्त संदेश: जवाबदेही तय होगी

पुलिस आयुक्त ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए मौके पर प्रभावी पुलिसिंग, सतर्कता और त्वरित परिणाम जरूरी हैं। उन्होंने साफ किया कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस आयुक्त ने सोसायटी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपराध रोकने के लिए कई अहम निर्देश भी दिए हैं। सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत करने, बीट पुलिसिंग को सक्रिय करने और रात्रि गश्त बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, सोसायटी प्रबंधन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया है।

पुलिस विभाग में साफ संदेश

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग में यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब जवाबदेही तय होगी और किसी भी तरह की लापरवाही करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस कमिश्नरेट का यह कदम आम जनता, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सख्त मंशा को दर्शाता है।

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