गढ़ेवा में गंग नहर में गिरी आल्टो कार, चार साधुओं के सवार होने की चर्चा, पुलिस जांच में जुटी।
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कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। ककवन थाना क्षेत्र के गढ़ेवा गांव के पास एक आल्टो कार अचानक अनियंत्रित होकर गंग नहर में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण नहर किनारे पहुंच गए। सूचना मिलते ही ककवन पुलिस और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे तक चले राहत अभियान के बाद कार को नहर से बाहर निकाला गया, लेकिन कार में सवार लोगों का कोई पता नहीं चल सका। अब पुलिस वाहन नंबर के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
सुबह के समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा गुरुवार सुबह उस समय हुआ, जब आल्टो कार ककवन की ओर जा रही थी। गढ़ेवा गांव से करीब 200 मीटर पहले चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। इससे पहले कि चालक कार को संभाल पाता, वाहन सीधे गंग नहर में जा गिरा। तेज आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और गांव के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
ग्रामीणों ने बताया— कार में चार साधु थे
घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि कार में चार साधु सवार थे। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि ये साधु सुबह गांव में आए थे और खुद को महाकाल जाने वाला बताकर लोगों से आर्थिक मदद मांग रहे थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल यह जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के बयानों पर आधारित है, जिसकी जांच की जा रही है।
हादसे के बाद खुद बाहर निकले या भाग गए?
घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि कार नहर में गिरने के बाद उसमें सवार लोग किसी तरह बाहर निकल आए थे। इसी दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने उन्हें चोर बताते हुए शोर मचा दिया। इसके बाद कार में सवार बताए जा रहे सभी लोग वहां से भाग निकले। यदि यह दावा सही है तो सवाल यह भी उठता है कि वे लोग कौन थे और हादसे के बाद बिना पुलिस को सूचना दिए मौके से क्यों चले गए। इन सभी बिंदुओं की जांच पुलिस कर रही है।
जल पुलिस ने कई घंटे की मशक्कत के बाद निकाली कार
सूचना मिलने पर थाना प्रभारी जितेंद्र राजपूत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जल पुलिस को बुलाया गया और ग्रामीणों की मदद से राहत अभियान शुरू किया गया। नहर का तेज बहाव और गहराई होने के कारण कार निकालने में काफी समय लगा। कई घंटे की मशक्कत के बाद वाहन को बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया विवाद की बात
गढ़ेवा गांव के निवासी मनीष तिवारी ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले उन्होंने कार चालक और उसके बगल में बैठे एक साधु के बीच किसी बात को लेकर बहस होते देखी थी। उनके अनुसार विवाद के कुछ ही समय बाद कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। हालांकि, यह विवाद हादसे का कारण था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बना सकती है।
वाहन नंबर से मालिक की तलाश
कार को बाहर निकालने के बाद पुलिस ने उसके रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन मालिक की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन के स्वामित्व और उसमें सवार लोगों की पहचान होने के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। यदि जरूरत पड़ी तो आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
अफवाहों से बचने की अपील
घटना के बाद सोशल मीडिया और आसपास के गांवों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी को साझा न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार में कितने लोग सवार थे, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और दुर्घटना के बाद वाहन सवार कहां गए।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब मिलना बाकी है। क्या कार में वास्तव में चार साधु सवार थे? क्या सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए? क्या चालक और यात्रियों के बीच विवाद ही हादसे की वजह बना? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। अभी तक उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, गढ़ेवा गांव के पास एक आल्टो कार गंग नहर में गिरी, जल पुलिस ने उसे बाहर निकाल लिया है और वाहन नंबर के आधार पर पूरे मामले की जांच जारी है। वहीं, चार साधुओं के सवार होने और उनके मौके से चले जाने की जानकारी केवल स्थानीय लोगों के दावों पर आधारित है, जिसकी पुलिस स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही है