Delhi Blast Case: डॉ. शाहीन के घर से भारी कैश, गोल्ड और विदेशी करेंसी बरामद — जांच में कई बड़े खुलासे
दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में एक बड़ा मोड़ तब आया जब जांच एजेंसियों को अल फलाह यूनिवर्सिटी के फ्लैट नंबर 32 से डॉ. शाहीन के डिजिटल लॉकर में 18.5 लाख रुपये नकद, सोने के बिस्किट, गहने और विदेशी मुद्रा मिली। यह बरामदगी सामने आने के बाद एजेंसियों की जांच और तेज हो गई है, क्योंकि अब साफ होता दिख रहा है कि शाहीन लंबे समय से आतंकी गतिविधियों से जुड़ी थी और इसके लिए फंड भी प्राप्त कर रही थी।
4 साल सऊदी में नौकरी, लौटने के बाद आतंकियों से जुड़ाव
डॉ. शाहीन 2014 से 2018 तक सऊदी अरब के एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर रही। साल 2018 में जब वह भारत लौटी, तब उसके ऊपर किसी नौकरी या काम का दबाव नहीं था। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान उसके आतंकी संगठनों से संपर्क बढ़े और उसने नेटवर्क बनाना शुरू किया। तीन साल तक कोई पेशेवर कार्य न करते हुए वह आतंक से जुड़े संपर्कों को बढ़ाती गई और कथित तौर पर उसे फंडिंग भी मिलती रही।
अल फलाह यूनिवर्सिटी में नौकरी और व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल
साल 2021 में शाहीन ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के रूप में काम शुरू किया। यहां आने के बाद उसने कई डॉक्टरों और स्टाफ से संपर्क बढ़ाया, जिनमें डॉ. मुजम्मिल भी शामिल थे। दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं और मामला शादी तक पहुंच गया। जांच में सामने आया कि यह रिश्ता भी नेटवर्क विस्तार और लोगों को संगठन से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
डिजिटल लॉकर खुला तो हैरान हुई जांच एजेंसी
दीर्घ समय से दिल्ली स्पेशल सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस इस केस की जांच कर रहे थे, लेकिन डिजिटल लॉकर नहीं खुल पाया था। गुरुवार रात NIA टीम शाहीन को साथ लेकर साइट पर पहुंची और उससे लॉकर खुलवाया गया।
लॉकर खुलते ही सामने आई बड़ी बरामदगी—
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₹18.50 लाख नकद
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सोने के दो बिस्किट व ज्वेलरी (कुल 300 ग्राम)
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सऊदी अरब की करेंसी
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कई पैकेट 500 के नोटों से भरे मिले
फंडिंग और नेटवर्क पर अब गहराई से जांच
कैश, सोना और विदेशी मुद्रा मिलने से यह आशंका और मजबूत हुई है कि शाहीन आतंक फंडिंग और नेटवर्क विस्तार में सक्रिय थी। अब यह जांच का बड़ा हिस्सा होगा कि पैसा कहां से आया, किन-किन को दिया गया और नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था।
जांच एजेंसियां डिजिटल डेटा, संपर्कों और फंडिंग की दिशा ट्रैक करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व खुलासे हो सकते हैं।