Conversion-Rape Case: धर्मांतरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी रमीजुद्दीन नायक को बड़ा झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी
Mediawali news
धर्मांतरण और दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में जेल में बंद आरोपी Rameezuddin Nayak उर्फ रमीज की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। कोर्ट के इस फैसले को मामले में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अदालत ने कहा कि आरोपी पर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और फिलहाल उसे जमानत देना उचित नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार, आरोपी रमीजुद्दीन नायक पर एक युवती को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और दुष्कर्म करने का आरोप है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है, जिनमें दुष्कर्म, धमकी, धोखाधड़ी और अवैध धर्मांतरण से जुड़े आरोप शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने अदालत से जमानत देने की मांग करते हुए कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और जांच में सहयोग किया जा रहा है। वहीं सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के बाहर आने पर पीड़िता और गवाहों पर दबाव बनाने की आशंका है। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जा रहे हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में गंभीर आरोप सामने आए हैं और जांच पूरी होने तक आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा।
इस फैसले के बाद पीड़िता पक्ष ने संतोष जताया है। पीड़िता के परिवार का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और अदालत ने सही निर्णय लिया है। वहीं आरोपी पक्ष ने संकेत दिए हैं कि वे ऊपरी अदालत में जमानत के लिए अपील कर सकते हैं।
मामले को लेकर इलाके में पहले से ही काफी चर्चा है और कई सामाजिक संगठनों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि धर्मांतरण और दुष्कर्म जैसे मामलों में अदालतें बेहद सावधानी से फैसला लेती हैं, खासकर तब जब जांच प्रारंभिक चरण में हो। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तारीख पर होगी।