चक्रवात दितवा कमजोर, भारत ने श्रीलंका में फंसे सभी नागरिकों को सुरक्षित निकाला
चक्रवात दितवा (Ditwah), जो पिछले कुछ दिनों से बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय क्षेत्रों में खतरा बना हुआ था, अब कमजोर होकर गहरे अवसाद (Deep Depression) में बदल गया है। इससे लोगों को बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जारी अपडेट में बताया है कि सिस्टम दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर लगभग 10 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर की ओर बढ़ रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आगे बढ़ते हुए यह सिस्टम और अधिक कमजोर हो सकता है, लेकिन तेज़ हवाओं, ऊंची समुद्री लहरों और बारिश की संभावना बनी रहेगी।
श्रीलंका में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया — बचाव अभियान समाप्त
चक्रवात के दौरान श्रीलंका में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भी एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि भारत ने अपने आखिरी समूह के नागरिकों को भी सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है।
इस तरह पूरा राहत और बचाव अभियान अब समाप्त हो चुका है और सभी भारतीय नागरिक सुरक्षा के साथ अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो चुके हैं। संकटपूर्ण मौसम के बीच यह एक सफल और समय पर लिया गया कदम माना जा रहा है।
अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण — दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी
हालांकि चक्रवात की तीव्रता कम हो गई है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश में अगले 24 घंटों तक भारी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
समुद्र में 4 से 6 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है, इसलिए IMD ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर ध्यान देने को कहा गया है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — राहत के बीच सावधानी जरूरी
चक्रवात दितवा के कमजोर होने से जहां राहत महसूस की जा रही है, वहीं तटीय क्षेत्रों में सावधानी और सतर्कता अभी भी जरूरी है।
बारिश और तेज़ हवाओं के कारण बिजली कटौती, पेड़ों के गिरने और समंदर में उफान जैसी स्थितियां बनी रह सकती हैं। सरकार और मौसम विभाग लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।