बच्ची का सौदा करने वाली अस्पताल मालिक समेत तीन अरेस्ट
- अस्पताल की नर्स, बच्ची के माता-पिता की तलाश जारी
Mediawali news
ग्रेटर नोएडा में नवजात बच्ची का 2.60 लाख रुपये में सौदा करने वाले मामले में अस्पताल संचालिका और उसके दो स्टाफ को बिसरख थाने की पुलिस ने पूछताछ के बाद अरेस्ट कर लिया है। पुलिस ने रविवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मामले में अस्पताल संचालिका की मिली भगत सामने आई है। वहीं अस्पताल की नर्स, बच्ची के माता-पिता की तलाश की जा रही है। आरोपियों की पहचान अस्पताल संचालिका दिल्ली निवासी यशिका गर्ग (33), बुलंदशहर निवासी अस्पताल के सफाईकर्मी गजेन्द्र सिंह (35) और बुलंदशहर निवासी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन रंजीत सिंह (24) के रूप में हुई है। पुलिस मामले में तीनों पर मानव तस्करी जेजे एक्ट में कार्रवाई है।
सेंट्रल नोएडा डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर से जानकारी मिली कि पांच दिन की बच्ची का एक महिला गोद दिलाने के नाम पर 2.60 लाख रुपये में सौदा कर रही है। मौके पर थाना एचटीयू टीम और बिसरख पुलिस पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी रंजीत सिंह और गजेन्द्र सिंह वर्तमान में गांव पतवाड़ी बिसरख क्षेत्र में रह रहे थे। अस्पताल की मालिक यशिका गर्ग ने उन्हें बच्ची देकर खरीदार से पैसे लेने के लिए भेजा था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम सेक्टर-2 पतवाड़ी स्थित मकान पर पहुंची। जहां से अस्पताल की संचालिका यशिका गर्ग को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में यशिका ने स्वीकार किया कि पांच दिन पहले एक महिला ने उसके अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। महिला ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए बच्ची को किसी अच्छे परिवार को देने की बात कही थी। बच्ची के इलाज और अस्पताल का बिल भी पूरी तरह जमा नहीं हुआ था। जिसके चलते उसके मन में लालच आ गया और उसने बच्ची को बेचने की योजना बना ली। अस्पताल की नर्स पुष्पा ने सोसायटी में बच्ची के गोद देने की बात फैलाई थी। उसके पति ने खरीदार से संपर्क कर पैसे की डील तय की। पुलिस अब नर्स पुष्पा और उसके पति की तलाश कर रही है, जो इस पूरे मामले में मुख्य कड़ी माने जा रहे हैं। साथ ही बच्ची के माता-पिता की तलाश की जा रही है। इसके लिए अस्पताल परिसर के आसपास लगे कैमरों की मदद ली जा रही है। पुलिस ने मौके से एक स्कूटी, तीन मोबाइल फोन बरामद किया हैं। स्कूटी के कागजात मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उसे सीज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
सीडब्ल्यूसी की निगरानी हैं बच्ची
जांच में पता चला है कि बीकानेर स्वीट्स के पास नंबरदार मार्केट स्थित नवजीवन अस्पताल की एक नर्स पुष्पा ने ग्रेनो वेस्ट की सोसायटी में अपने पति के माध्यम से यह बात फैलाई गई थी। सौदा होने के बाद दो आरोपी सफाईकर्मी गजेन्द्र सिंह और अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन रंजीत सिंह स्कूटी से मौके पर पहुंचे थे। उनके पास एक नवजात बच्ची थी। बच्ची को फिलहाल चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द करने और मेडिकल परीक्षण के बाद उसे सेक्टर-12/22 स्थित साई कृपा शिशु गृह में दाखिल कराया है।