अमेरिकी हमले के बाद ईरान की चेतावनी: 8 बड़े पुलों को बनाया टारगेट
Mediawali news
पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। हाल ही में United States और Israel द्वारा Iran के करज शहर के पास स्थित एक महत्वपूर्ण पुल पर हवाई हमला किया गया। इस हमले में ईरान का सबसे ऊंचा पुल आंशिक रूप से तबाह हो गया। यह पुल तेहरान को करज से जोड़ने वाला एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट था।
ईरान ने जारी की 8 पुलों की सूची
हमले के जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व के 8 अहम पुलों को संभावित निशाने के रूप में सूचीबद्ध किया है। ईरानी मीडिया और Fars News Agency के अनुसार, इन पुलों में खाड़ी देशों और जॉर्डन के प्रमुख कनेक्टिविटी मार्ग शामिल हैं।
इनमें प्रमुख नाम हैं:
-
Sheikh Jaber Al-Ahmad Al-Sabah Causeway (कुवैत)
-
Sheikh Zayed Bridge (यूएई)
-
Al Maqta Bridge (यूएई)
-
Sheikh Khalifa Bridge (यूएई)
-
King Fahd Causeway (सऊदी अरब-बहरीन)
-
King Hussein Bridge (जॉर्डन)
-
दामिया ब्रिज (जॉर्डन)
-
अब्दौलन ब्रिज (जॉर्डन)
इन पुलों का चयन रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ये क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापार के प्रमुख रास्ते हैं।
ट्रंप की चेतावनी और वीडियो जारी
हमले के बाद Donald Trump ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें हमले के बाद पुल में लगी आग और धुआं देखा जा सकता है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि “बहुत देर होने से पहले समझौता कर लेना चाहिए।”
यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव को और तेज करता नजर आ रहा है।
ईरान का जवाब- ‘सरेंडर नहीं करेंगे’
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अमेरिका की चेतावनी पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता कभी सरेंडर नहीं करेगी और हर तबाह हुई इमारत को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले से अमेरिका की वैश्विक साख को बड़ा नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता खतरा
इस घटनाक्रम के बाद पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ गई है। पुलों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की आशंका से क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह टकराव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर भी गंभीर रूप से पड़ सकता है।