आरबीआई अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने बुजुर्ग कारोबारी से ठगे 1.90 करोड़ रुपये, RTGS से कराए कई ट्रांजैक्शन

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 साइबर ठगों ने खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग कारोबारी से 1.90 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने एफडी में कथित गड़बड़ी और जांच का डर दिखाकर पीड़ित से आरटीजीएस के जरिए कई बार में रकम ट्रांसफर करवा ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

WhatsApp कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल

सेक्टर-29 निवासी कारोबारी सुरेश चंद्र ने पुलिस को बताया कि 6 दिसंबर को उनके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम नवीन देसाई बताया और खुद को आरबीआई का अधिकारी कहा। उसने दावा किया कि पीड़ित के बैंक खातों में जमा एफडी की रकम गलत तरीके से आई है और इसकी जांच जरूरी है।

ठग ने भरोसा दिलाया कि अगर तय बैंक खातों में पैसे जमा कर दिए गए, तो जांच के बाद पूरी रकम वापस कर दी जाएगी।

डर दिखाकर कराए RTGS ट्रांजैक्शन

सुरेश चंद्र ने बताया कि ठग ने एफडी की रकम को “गलत पैसा” बताते हुए कार्रवाई का डर दिखाया। इससे घबराकर उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों से RTGS के जरिए आठ बार में कुल 1.90 करोड़ रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

यह ट्रांजैक्शन 9 दिसंबर से 16 दिसंबर के बीच किए गए।

पैसे लौटाने के नाम पर बहाने

जब पूरी रकम ट्रांसफर हो गई और पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो ठगों ने तरह-तरह के बहाने बनाने शुरू कर दिए। कभी चार्ज और सरचार्ज, तो कभी सिक्योरिटी अमाउंट के नाम पर और पैसे मांगे गए। इसके बाद भी रकम वापस नहीं की गई।

काफी कोशिशों के बाद सुरेश चंद्र को एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर ठगी हो चुकी है।

साइबर थाने में केस दर्ज

पीड़ित ने सबसे पहले साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सेंट्रल साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और ठगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आरबीआई या किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाली कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी तरह के बैंक ट्रांजैक्शन से पहले संबंधित बैंक शाखा से पुष्टि जरूर करें।

जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस साइबर ठगी गिरोह तक पहुंचा जाएगा।

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