त्योहारी सीजन में भी नहीं लौटी रौनक: 9 बड़े शहरों में प्रॉपर्टी बिक्री 4 साल के निचले स्तर पर
नई दिल्ली।
रियल एस्टेट सेक्टर में सुस्ती के संकेत तेज हो गए हैं। भारत के टॉप 9 शहरों में वर्ष 2025 की चौथी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर) के दौरान घरों की बिक्री घटकर 98,019 इकाइयों पर आ गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 1,16,137 यूनिट्स थी। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स कंपनी प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट में सामने आई है। कंपनी के अनुसार, यह जुलाई–सितंबर 2021 के बाद तिमाही आधार पर दर्ज की गई सबसे कम बिक्री है।
डिमांड और सप्लाई दोनों में कमजोरी
रिपोर्ट के मुताबिक, आवासीय संपत्तियों की मांग में कमी और नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग घटने से बाजार पर दबाव बना रहा। आमतौर पर अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में त्योहारी सीजन के चलते बिक्री में उछाल देखने को मिलता है, लेकिन इस बार वह ट्रेंड नजर नहीं आया। प्रॉपइक्विटी के संस्थापक और सीईओ समीर जसूजा ने कहा कि फेस्टिव सीजन के बावजूद डिमांड अपेक्षा से कमजोर रही।
किन शहरों में बढ़ी, कहां घटी बिक्री
9 बड़े शहरों में से केवल नवी मुंबई और दिल्ली-NCR ऐसे बाजार रहे, जहां बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई। नवी मुंबई में बिक्री सालाना आधार पर 13 प्रतिशत और दिल्ली-NCR में 4 प्रतिशत बढ़ी। इसके उलट, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे समेत सात शहरों में गिरावट देखी गई, जहां कुछ बाजारों में बिक्री 31 प्रतिशत तक घट गई।
प्रीमियम सेगमेंट का बढ़ता असर
हालांकि यूनिट्स की संख्या में कमी आई है, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि बाजार में प्रीमियम प्रॉपर्टी की हिस्सेदारी बढ़ी है। इसका असर यह रहा कि वॉल्यूम घटने के बावजूद संपत्तियों के दामों में मजबूती बनी रही। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर कुल बिक्री में 2 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बेंगलुरु और पुणे का हाल
देश के प्रमुख हाउसिंग मार्केट बेंगलुरु में 15,603 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछली तिमाही से 7 प्रतिशत कम रही। वहीं पुणे में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जहां एब्जॉर्प्शन सालाना आधार पर 31 प्रतिशत घटकर 15,788 यूनिट रह गया।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट संकेत देती है कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार इस समय वॉल्यूम के बजाय वैल्यू-ड्रिवन फेज में प्रवेश कर चुका है।