हरियाणा बनेगा एआई फर्स्ट स्टेट, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने लॉन्च किया ASandbox
Mediawali news, गुडगांव
गुडगांव में हरियाणा सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को AI Sandbox का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में इसे हरियाणा के शासन, विकास और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि AI केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि विकास का नया इंजन है, जो आम लोगों की समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में दिल्ली में भारत AI इम्पैक्ट समिट-2026 का आयोजन हुआ, जिसमें 100 से अधिक देशों और 20 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इससे स्पष्ट है कि भारत वैश्विक स्तर पर AI के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा AI Sandbox भी इसी सोच पर आधारित है। इसे “टेस्ट बिफोर इन्वेस्ट” मॉडल कहा जा सकता है, जहां स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स, शोधकर्ता और टेक्नोलॉजी कंपनियां अपने AI आधारित समाधान लेकर आएंगी। इन समाधानों का सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में परीक्षण किया जाएगा, ताकि उनकी उपयोगिता और प्रभावशीलता का मूल्यांकन हो सके।
उन्होंने बताया कि इस पहल में वर्ल्ड बैंक हरियाणा सरकार का सहयोग कर रहा है। इसके अलावा गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) समेत कई प्रमुख टेक्नोलॉजी पार्टनर भी इस अभियान से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवा, स्टार्टअप और शोध संस्थान ऐसी तकनीक विकसित करें, जो हरियाणा के साथ-साथ दुनिया के लिए भी उपयोगी साबित हो।
AI Sandbox के पहले चरण में पांच प्रमुख क्षेत्रों को चुना गया है। इनमें जनसंवाद और शिकायत निवारण प्रणाली, ‘म्हारी सड़क’ ऐप, स्वास्थ्य सेवाएं, जल आपूर्ति प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी अपेक्षा है कि नागरिकों की शिकायतें केवल दर्ज न हों, बल्कि AI सिस्टम उन्हें समझकर समाधान तक पहुंचाने में मदद करे।
खराब सड़क की जानकारी देगा एआई
उन्होंने कहा कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप में सड़क की खराबी की पहचान के लिए लंबी रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में AI डॉक्टरों का विकल्प नहीं बन सकती, लेकिन उनकी सहायता जरूर कर सकती है। इसी तरह जल आपूर्ति और रिसाव से जुड़ी समस्याओं की पहचान भी AI के जरिए तेजी से की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल पांच विभागों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले समय में राज्य के सभी सरकारी विभागों तक इसका विस्तार किया जाएगा। हरियाणा AI डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत अगले छह वर्षों में मजबूत AI इकोसिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में गुरुग्राम और पंचकूला में दो AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि AI Sandbox में प्राइवेसी, डेटा सिक्योरिटी, डेटा गवर्नेंस और रिस्पॉन्सिबल AI पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही राज्य सरकार भविष्य में एक बड़े AI समिट के आयोजन की भी तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सपना है कि आने वाले समय में हरियाणा देश का पहला “AI फर्स्ट स्टेट” बने।