जून तक आ सकता है देश का सबसे बड़ा IPO: जियो 2.5% हिस्सेदारी बेचकर जुटाएगी ₹37,000 करोड़, वैल्यूएशन ₹20 लाख करोड़ तक संभव
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो इस साल जून तक अपना आईपीओ (IPO) ला सकती है। इस आईपीओ में कंपनी करीब 2.5% हिस्सेदारी बेचकर 4 बिलियन डॉलर (करीब ₹37,000 करोड़) जुटा सकती है। अगर यह योजना लागू होती है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
₹20 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है जियो की वैल्यूएशन
इन्वेस्टमेंट बैंक जेफरीज ने नवंबर 2024 में जियो की वैल्यूएशन करीब 180 बिलियन डॉलर (₹16 लाख करोड़) आंकी थी। हालांकि, अब कुछ वैश्विक बैंकर्स का मानना है कि जियो की वैल्यूएशन 200 से 240 बिलियन डॉलर, यानी करीब ₹20 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है। इस वैल्यूएशन पर 2.5% हिस्सेदारी की बिक्री भी पिछले साल आए हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,000 करोड़ के आईपीओ से बड़ी होगी।
SEBI के नियम बदलने का इंतजार
फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज मार्केट रेगुलेटर SEBI के नियमों में बदलाव का इंतजार कर रही है। सेबी ने हाल ही में प्रस्ताव दिया है कि बड़ी कंपनियों को आईपीओ में न्यूनतम 5% के बजाय 2.5% हिस्सेदारी बेचने की अनुमति दी जाए। सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस कम हिस्सेदारी इसलिए बेचना चाहती है ताकि बाजार में शेयरों की मांग मजबूत बनी रहे।
मॉर्गन स्टेनली और कोटक DRHP पर कर रहे काम
हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर बैंकों की नियुक्ति नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मॉर्गन स्टेनली और कोटक महिंद्रा बैंक जियो के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर काम कर रहे हैं। मुकेश अंबानी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि जियो की लिस्टिंग 2026 की पहली छमाही में हो सकती है, लेकिन बाजार की स्थिति के आधार पर इसे पहले भी लाया जा सकता है।
विदेशी निवेशकों को मिलेगा एग्जिट का मौका
पिछले छह वर्षों में जियो ने KKR, सिल्वर लेक और गूगल जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों से भारी निवेश हासिल किया है। माना जा रहा है कि आईपीओ के जरिए कई विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं और आंशिक रूप से बाहर निकल सकते हैं।
AI और सैटेलाइट इंटरनेट पर जियो का फोकस
जियो अब सिर्फ टेलीकॉम तक सीमित नहीं है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सर्विसेज में भी तेजी से विस्तार कर रही है। इसके लिए जियो ने एनवीडिया के साथ साझेदारी की है। आने वाले समय में जियो की सीधी टक्कर इलॉन मस्क की स्टारलिंक से होगी, जो भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी में है।
जियो का यह आईपीओ न सिर्फ निवेशकों के लिए बड़ा मौका माना जा रहा है, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में भी एक नया रिकॉर्ड बना सकता है।