ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो की मांग तेज, 15 मार्च को जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान
Mediawali news, NCR
एनसीआर का तेजी से विकसित हो रहा इलाका ग्रेटर नोएडा वेस्ट एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा में है। लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र में अब तक मेट्रो कनेक्टिविटी नहीं पहुंच पाई है, जिससे स्थानीय निवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर 15 मार्च को हजारों लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
यह प्रदर्शन क्षेत्र की प्रमुख सामाजिक संस्था NEFOWA (नेफोवा) के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा। संस्था का कहना है कि कई बार ज्ञापन देने और अधिकारियों से मुलाकात करने के बावजूद मेट्रो परियोजना को मंजूरी नहीं मिल सकी है। अब निवासियों ने सीधे केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने का निर्णय लिया है।
रोजाना जाम से जूझ रहे लोग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में आईटी, प्राइवेट कंपनियों और सरकारी संस्थानों में काम करने वाले लोग रहते हैं। लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट की समुचित व्यवस्था न होने के कारण अधिकतर लोग निजी वाहनों पर निर्भर हैं। सुबह और शाम के समय मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। लोगों का कहना है कि रोजाना घंटों ट्रैफिक में फंसने से समय, ईंधन और सेहत-तीनों पर असर पड़ रहा है। निवासियों का यह भी आरोप है कि एनसीआर का हिस्सा होने के बावजूद उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उनका मानना है कि कम आबादी वाले कई इलाकों में मेट्रो विस्तार को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि घनी आबादी वाले ग्रेटर नोएडा वेस्ट की फाइल लंबे समय से लंबित है।
फाइल अटकी होने का दावा
नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार के अनुसार, 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने मेट्रो परियोजना की फाइल केंद्र को भेज दी थी। लेकिन अब तक परियोजना को अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। उनका दावा है कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में कई बार बदलाव किए गए और रूट संशोधित हुआ, जिससे देरी और बढ़ गई। हालांकि आधिकारिक स्तर पर फाइल की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक उनकी मुश्किलें जारी रहेंगी।
प्रदर्शन से उम्मीद
एक अन्य निवासी दीपांकर कुमार ने कहा कि 15 मार्च का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसका उद्देश्य केवल सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना है। उनका मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचते हैं तो सरकार इस मुद्दे पर जल्द निर्णय ले सकती है। नेफोवा ने सभी निवासियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। अब सबकी नजर 15 मार्च पर टिकी है, जब ग्रेटर नोएडा वेस्ट के हजारों निवासी दिल्ली पहुंचकर अपनी मांग बुलंद करेंगे।