अपने बिजली का बिल हमें दो’ — Infosys ने 3 लाख कर्मचारियों से क्यों की यह अनोखी मांग

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नई दिल्ली। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) इन दिनों अपने एक फैसले को लेकर चर्चा में है। नारायण मूर्ति की इस कंपनी ने अपने 3 लाख से अधिक कर्मचारियों से उनका घरेलू बिजली बिल साझा करने को कहा है। पहली नजर में यह मांग भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे कंपनी का उद्देश्य पर्यावरण से जुड़ा हुआ है।

कर्मचारियों को क्यों भेजा गया ईमेल?

इंफोसिस ने सभी कर्मचारियों को एक आधिकारिक ईमेल भेजकर उनसे इलेक्ट्रिसिटी बिल की जानकारी मांगी है। जागरण बिजनेस से बातचीत में एक कर्मचारी ने पुष्टि की कि उन्हें भी ऐसा ईमेल मिला है। कंपनी का कहना है कि यह कदम हाइब्रिड वर्क मॉडल के तहत उठाया गया है।

हाइब्रिड वर्क मॉडल की क्या है व्यवस्था?

Infosys की नीति के अनुसार, कर्मचारियों को महीने में सिर्फ 10 दिन ऑफिस आना अनिवार्य है। बाकी दिनों में वे घर से काम (Work From Home) कर सकते हैं। ऐसे में कंपनी का मानना है कि घर से काम करते समय इस्तेमाल होने वाली बिजली भी कंपनी के कार्बन फुटप्रिंट का हिस्सा बनती है।

CFO ने ईमेल में क्या कहा?

कंपनी के सीएफओ ने ईमेल में लिखा कि अब काम का पर्यावरणीय प्रभाव सिर्फ ऑफिस परिसरों तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के घरों तक फैल चुका है। इसलिए घर से काम के दौरान बिजली की खपत का सटीक डेटा जुटाना जरूरी है, ताकि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन रिपोर्टिंग को बेहतर बनाया जा सके।

किस तरह की जानकारी मांगी गई है?

सर्वे के जरिए कर्मचारियों से यह जानकारी मांगी गई है:

  • घर में इस्तेमाल होने वाले बिजली उपकरण

  • पंखा और एसी का उपयोग

  • लाइट की वाट क्षमता

  • सोलर एनर्जी की उपलब्धता

  • ऊर्जा बचत से जुड़े सुझाव

रिन्यूएबल एनर्जी पर Infosys का फोकस

Infosys अपनी 2024-25 ESG रिपोर्ट के अनुसार भारत में अपनी बिजली जरूरतों का 77% नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करती है। कंपनी के पास 60 मेगावाट क्षमता के अपने रिन्यूएबल पावर प्लांट भी हैं।

20 हजार फ्रेशर्स को मिलेगी नौकरी

इंफोसिस ने यह भी ऐलान किया है कि वह वित्त वर्ष 2026-27 में 20,000 कॉलेज ग्रेजुएट्स को नौकरी देगी। सीईओ सलिल पारेख के मुताबिक, यह भर्ती 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच की जाएगी।

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