658 करोड़ के GST फर्जीवाड़े पर ED का शिकंजा, कोलकाता–गुवाहाटी–सिक्किम में एक साथ छापेमारी
तीन राज्यों में एक साथ ईडी की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 658 करोड़ रुपये के जीएसटी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फर्जीवाड़े के मामले में मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई के तहत कोलकाता, असम के गुवाहाटी और सिक्किम में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि फर्जी कंपनियों और जाली इनवॉइस के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है।
फर्जी कंपनियों के नेटवर्क से की गई करोड़ों की टैक्स चोरी
ईडी सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ असम के गुवाहाटी से जुड़ी हुई है। यहां कथित तौर पर कई शेल कंपनियां बनाई गईं, जिनके जरिए बिना किसी वास्तविक व्यापार के फर्जी इनवॉइस तैयार किए गए। इन इनवॉइस के आधार पर अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया गया और जीएसटी चोरी को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसी का अनुमान है कि इस नेटवर्क के जरिए करीब 658 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया।
कोलकाता के कई इलाकों में तलाशी अभियान
मंगलवार को ईडी की टीमों ने कोलकाता के ब्रेबोर्न रोड समेत शहर के 6 से 7 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इसके साथ ही गुवाहाटी और सिक्किम में भी समानांतर रूप से तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले।
केंद्रीय बलों की कड़ी सुरक्षा में हुई कार्रवाई
इस बार ईडी की कार्रवाई में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र बलों को तैनात किया गया था। माना जा रहा है कि हाल ही में हुए कुछ मामलों में एजेंसियों को विरोध और राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा था। खासतौर पर 8 जनवरी को आइपैक से जुड़े मामले में हुई कार्रवाई के बाद पैदा हुए विवाद से सबक लेते हुए, ईडी ने इस बार किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती।
सरकारी राजस्व को नुकसान की गहन जांच
ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के उस बड़े नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम है, जिसने फर्जी दस्तावेजों और कागजी कंपनियों के जरिए सरकारी राजस्व को गंभीर नुकसान पहुंचाया। एजेंसी आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और खुलासे होने की संभावना जता रही है।
जांच अभी जारी
फिलहाल छापेमारी और दस्तावेजों की जांच का सिलसिला जारी है। ईडी अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए डेटा और रिकॉर्ड्स के विश्लेषण के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।