नोएडा में पुराने वाहनों पर रोक, बीएस-3 और बीएस-4 गाड़ियों के चलाने पर भारी जुर्माना
दो लाख से अधिक वाहन होंगे प्रभावित, प्रशासन ने कहा– प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी कदम
नोएडा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने और हवा की गुणवत्ता “बेहद खराब” श्रेणी में पहुंचने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिले में अब बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों के चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में 96,210 बीएस-3 पेट्रोल वाहन और 42,516 बीएस-4 डीजल वाहन पंजीकृत हैं। इसके अलावा बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के वाहन भी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे। कुल मिलाकर 2,38,281 वाहन इस आदेश से प्रभावित होंगे।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई प्रतिबंधित वाहन सड़कों पर पाया गया, तो उसके मालिक पर 5,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस मिलकर जांच अभियान चलाएंगे।
यह नियम सिर्फ नोएडा ही नहीं बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लागू किया गया है, जिसमें दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद भी शामिल हैं।
एआरटीओ (प्रशासन) नंद कुमार ने बताया कि जिले में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील की कि वे फिलहाल पुराने वाहनों को सड़कों पर न निकालें ताकि हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
यह कदम सर्दियों के मौसम में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए उठाया गया है, जब हवा की गति धीमी होने से धूल और धुआं वातावरण में लंबे समय तक बना रहता है।