बिल्हौर में कवियों ने उड़ाया हास्य-व्यंग्य और श्रृंगार का गुलाल
Mediawali news, kanpur
बिल्हौर में भव्य होली मिलन समारोह और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन
कानपुर। बिल्हौर कस्बे में होली पर्व की संध्या पर जूनियर हाईस्कूल परिसर में भव्य होली मिलन समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्वयंसेवकों द्वारा आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम पिछले पंद्रह वर्षों से निरंतर होता आ रहा है और क्षेत्र की पहचान बन चुका है। सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
मंच पर सजी साहित्यिक महफिल
कार्यक्रम का संचालन कन्नौज से आए ओम प्रकाश शुक्ल ‘अज्ञात’ ने प्रभावशाली अंदाज में किया, जबकि अध्यक्षता महानारायण पाल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मधुराम शरण शिवा उपस्थित रहे। मंच से देशभर से आए कवियों ने हास्य, व्यंग्य, वीर और श्रृंगार रस की रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं पर शब्दों का गुलाल उड़ाया।
कवयित्री रिचा मिश्रा ‘रोली’ ने “रंगों का पर्व है, उड़ाओ गुलाल तुम” जैसी पंक्तियों से समां बांध दिया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
वीर और व्यंग्य रस की गूंज
शिवेश राजा ने वीर रस से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत करते हुए “देश की हवाओं को विषैला जो बोलते…” और “नौजवान पीढ़ी का खून जिस दिन खौलेगा…” जैसी पंक्तियों से श्रोताओं में देशभक्ति का जोश भर दिया।
अरुण तिवारी ने “कपूतों को भी है दुलारती मां” और “जिन्हें पैरों में रहना था वह सर पर आन बैठे हैं” सुनाकर सामाजिक विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य किया। वहीं अजय प्रधान ने हास्य गीतों से माहौल हल्का-फुल्का बनाया और “है जन्नत मां चरणों में…” सुनाकर भावुक कर दिया।
कार्यक्रम में प्रख्यात कवि Shivmangal Singh Suman के मांगलिक गीतों “मूरत पूज्य हैं सब…” और “मिलें जले से जो गले…” की प्रस्तुति ने आयोजन को नई ऊंचाई दी।
देर रात तक गूंजती रही तालियां
देर रात तक चले इस आयोजन में स्वयंसेवकों सहित सैकड़ों नगरवासी उपस्थित रहे। कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों पर तालियों की गूंज से पूरा परिसर गूंजता रहा और होली का उत्सव साहित्यिक रंगों में रंग गया।