नोएडा जिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर 32 हजार वसूली का आरोप, 20 हजार और मांगने की शिकायत; जांच शुरू
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नोएडा के जिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। मरीज के परिजनों का दावा है कि डॉक्टरों ने पहले 32 हजार रुपये लिए और बाद में 20 हजार रुपये अतिरिक्त मांगे। रकम देने से इनकार करने पर ऑपरेशन टाल दिया गया। मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन, सीएमओ और जिलाधिकारी से की गई है।
जानकारी के मुताबिक, कासगंज निवासी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में प्रबंधक इंद्रजीत कुमार सिंह ने बताया कि उनके ससुर गणेश सिंह 10 फरवरी को सीढ़ियों से गिर गए थे। उसी दिन उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और 17 फरवरी की तारीख तय की।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले 32 हजार रुपये जमा कराए गए। यह रकम मरीज की पत्नी पूनम देवी ने दी। इसके बाद मरीज को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, लेकिन ब्लड प्रेशर बढ़ने की बात कहकर सर्जरी स्थगित कर दी गई। अगले दिन यानी 18 फरवरी की नई तारीख दी गई।
इंद्रजीत कुमार सिंह का कहना है कि पहली रकम देने के बाद एनेस्थीसिया (पीएसी) विभाग की ओर से 20 हजार रुपये और मांगे गए। जब परिवार ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो पीएसी रिपोर्ट को फेल बताया गया और ऑपरेशन करने से मना कर दिया गया। साथ ही मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी गई।
परिजनों का आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बावजूद मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ है और अब अस्पताल की ओर से ऑपरेशन करने से पूरी तरह मना कर दिया गया है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में इस तरह पैसे मांगना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस पूरे मामले पर जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय राणा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच के लिए डॉक्टरों की एक टीम गठित कर दी गई है। शुरुआती बातचीत में यह बात सामने आई है कि मरीज को हृदय संबंधी बीमारी भी है, जो ऑपरेशन टालने का एक कारण हो सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी।
अब सभी की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर है, जिससे तय होगा कि मामला लापरवाही का है या चिकित्सकीय कारणों से ऑपरेशन रोका गया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।