मांगें मानी गईं, आशा वर्करों ने किया कार्य बहाली का ऐलान
Kanpur news
आंदोलन के बाद काम पर लौटीं आशा कार्यकर्ता
कानपुर/बिल्हौर। प्रदेशभर में अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रही आशा वर्करों ने अब कार्य पर लौटना शुरू कर दिया है। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के चलते ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित थीं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का बहिष्कार किए जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा था।
सीएचसी में सौंपा कार्य वापसी का ज्ञापन
शुक्रवार को शिवराजपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आशा वर्करों ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिलीप कटियार और एनएम कुसुम यादव को कार्य वापसी का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने जानकारी दी कि सरकार द्वारा उनकी कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने और सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने पुनः अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्णय लिया है।
यूनियन ने दी आंदोलन समाप्ति की जानकारी
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिला अध्यक्ष आशा कुशवाहा ने बताया कि पिछले एक माह से प्रदेशभर में आशा कार्यकर्ता सीएचसी और पीएचसी स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर रही थीं। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर वे संघर्षरत थीं, लेकिन अब सरकार की ओर से सकारात्मक पहल मिलने के बाद कार्य बहाली का निर्णय लिया गया है।
इस मौके पर रेखा, सुमन, ममता, शासकला, काजल कुशवाहा, संगीता सहित एक दर्जन से अधिक आशा कर्मी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आशा वर्करों की वापसी से टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं जल्द ही पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी।