Bihar Bank Strike 12 February: नए श्रम कानून के खिलाफ बैंकों में ताला, 38 करोड़ कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल

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पटना | Bihar News Today

बिहार में आज 12 फरवरी को बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। नए श्रम कानूनों के विरोध और 10 सूत्री मांगों के समर्थन में बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल का असर राज्य के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर साफ देखा गया, जहां लेन-देन का काम बंद या आंशिक रूप से प्रभावित रहा। बैंक ऑफ इंडिया एम्पलाई यूनियन के महासचिव प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लाए जा रहे नए श्रमिक कोड के विरोध में यह कदम उठाया गया है। दिल्ली में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की बैठक के बाद राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया। उनका कहना है कि नए श्रम कानून मजदूर हितों के खिलाफ हैं और इससे कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकार कमजोर होंगे।

बिहार में बैंक बंद, ग्राहक परेशान

पटना, भागलपुर, गया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में सरकारी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) ने अपने सदस्यों से हड़ताल में भाग लेने की अपील की है। हालांकि, कुछ बैंक यूनियनें इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। यूनियनों की प्रमुख मांगों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और बीमा कंपनियों को मजबूत करना, बैंक, एलआईसी और जीआईसी के निजीकरण पर रोक लगाना, बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश (FDI) के फैसले को वापस लेना और आउटसोर्सिंग व कॉन्ट्रैक्ट जॉब पर रोक लगाना शामिल है।

38 करोड़ कर्मचारियों की भागीदारी का दावा

ट्रेड यूनियनों का दावा है कि इस देशव्यापी हड़ताल में करीब 38 करोड़ कर्मचारी शामिल हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर ने कहा कि बैंकिंग के अलावा बिजली, बीमा, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, गैस और जल आपूर्ति सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे के अनुसार, 27 लाख बिजली कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। उनकी मांगों में बिजली क्षेत्र के निजीकरण का विरोध, विद्युत संशोधन विधेयक 2025 और प्रस्तावित राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 को वापस लेना तथा पुरानी पेंशन योजना की बहाली शामिल है।

संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन

इस आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा का भी समर्थन मिला है। कृषि श्रमिक संगठन मनरेगा को मजबूत करने और ग्रामीण रोजगार से जुड़े प्रस्तावित कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वहीं TUCC ने इस हड़ताल को राष्ट्रीय हित के खिलाफ बताते हुए समर्थन नहीं दिया है। कई बैंकों ने पहले ही ग्राहकों को सूचित कर दिया था कि 12 फरवरी को हड़ताल के कारण शाखाओं का काम प्रभावित रहेगा। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं अधिकांश जगहों पर सामान्य रहीं।

Bihar Bank Strike 2026 का असर साफ तौर पर दिख रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और यूनियनों के बीच आगे क्या बातचीत होती है।

Anjali Priya
Anjali Priya
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