जेपी ग्रुप के 9 अधिकारियों समेत 11 लोगों पर केस दर्ज, धोखाधड़ी और अवैध कब्जे के गंभीर आरोप
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नोएडा: जय प्रकाश एसोसिएट्स (जेपी) ग्रुप के नौ अधिकारियों समेत 11 लोगों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स टाउनशिप में कारोबारी के साथ धोखाधड़ी, फर्जी बिल्डिंग प्लान देने, जमीन पर अवैध कब्जा और मारपीट के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर फेज-2 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी नक्शा देने का आरोप, 46 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च
पीड़ित सत्येंद्र नारायण द्विवेदी (70), निवासी सी-ब्लॉक, फेज-2 नोएडा, ने बताया कि उन्होंने जेपी ग्रीन्स परियोजना के स्पोर्ट्स विला में जमीन खरीदी थी। 12 मार्च 2020 को आवंटन पत्र और 14 मार्च 2020 को सब-लीज डीड रजिस्टर्ड कराकर उन्हें कब्जा दे दिया गया था।
आरोप है कि जमीन खरीदते समय कंपनी के कर्मचारियों ने जो बिल्डिंग प्लान दिए, वे ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से स्वीकृत नहीं थे। जब उन्होंने निर्माण शुरू किया तो पता चला कि नक्शा फर्जी और गलत है, जिसके चलते अथॉरिटी ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद पीड़ित को दोबारा नक्शा बनवाने के लिए करीब 46.82 लाख रुपये खर्च करने पड़े और जनवरी 2024 में स्वीकृति मिली।
अवैध कब्जा और कंपनी अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि निर्माण शुरू होते ही पहले से जमीन खरीद चुके दो पड़ोसियों ने बेसमेंट स्तर पर अतिक्रमण कर लिया। आरोप लगाया गया है कि इन दोनों का संबंध जेपी ग्रुप के प्रमोटर्स से है और कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें अवैध कब्जा जमाने में मदद की।
मारपीट और जान से मारने की धमकी
पीड़ित ने 27 अगस्त 2025 को अवैध कब्जा हटवाने के लिए जेसीबी मंगवाई, लेकिन आरोपियों ने जबरन काम रुकवा दिया। मजदूरों और मिस्त्रियों को बंधक बनाकर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने 112 नंबर पर कॉल किया और फेज-2 थाने में शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
पुलिस जांच जारी
फेज-2 थाना पुलिस ने अवैध कब्जा करने वाले दोनों पड़ोसियों और जेपी ग्रुप के नौ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।