गाजे-बाजे के साथ निकली कलशयात्रा जगह-जगह श्रद्धालुओं ने किया स्वागत
कानपुर नगर/शिवराजपुर।
शिवराजपुर क्षेत्र के सखरेज गांव में गुरुवार को धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलशयात्रा के साथ किया गया। गाजे-बाजे और भजन-कीर्तन के साथ निकली कलशयात्रा में गांव की बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर श्रद्धा भाव से भाग लिया।
भव्य कलशयात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत
कलशयात्रा सखरेज गांव से प्रारंभ होकर क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी। श्रद्धालु महिलाएं भजन-कीर्तन करती हुई पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल रहीं। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों और भक्तों द्वारा पुष्पवर्षा कर कलशयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान पूरे गांव का वातावरण भक्तिमय बना रहा और जयघोष गूंजते रहे।
सरैया गंगा घाट से जल भरकर कथा स्थल तक पहुंची यात्रा
कलशयात्रा सरैया गंगा घाट पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ कलशों में पवित्र गंगाजल भरा गया। इसके बाद यात्रा पुनः कथा स्थल के लिए रवाना हुई और वहीं जाकर सम्पन्न हुई। कथा स्थल पर पहुंचते ही विधिवत पूजा-अर्चना के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।
कथा व्यास ने बताई भागवत कथा की महिमा
कथा के पहले दिन बिल्हौर से पधारे कथा व्यास रामजी शुक्ला महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र से ही प्राणी का कल्याण हो जाता है और पितरों को भी मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भागवत कथा सुनने के लिए किसी आयु की बाध्यता नहीं है, इसे किसी भी उम्र में सुना जा सकता है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर लालता प्रसाद दुबे, अवधेश शुक्ला, हिमांशु दुबे, हर्ष शुक्ला, अर्पित मोना, दीक्षा, सुभी, संगीता, शशि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान गांव में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।