बैंकाक में सड़क हादसे में देवरिया के युवक की मौत, गांव में पसरा मातम
देवरिया जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के हरनही गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। गांव के टोला पोखरा निवासी 25 वर्षीय प्रमोद कुमार यादव की थाईलैंड के बैंकाक में सड़क दुर्घटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस खबर के मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बैंकाक में हुआ हादसा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार प्रमोद कुमार यादव बैंकाक में रहकर व्यवसाय करता था। वह करीब दो महीने पहले घर आया था और बीते सोमवार को ही दोबारा कमाने के लिए बैंकाक रवाना हुआ था। बुधवार को बैंकाक में एक सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रमोद की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। पत्नी मीना का रो-रोकर बुरा हाल है, वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। प्रमोद की मासूम बेटियां आकांक्षा और अनन्या पिता की तस्वीर को निहारते हुए सिसकियां भरती रहीं, जिनकी आंखों से बहते आंसू हर किसी को भावुक कर रहे थे।
पिता चंद्रभान यादव असमय ही जवान बेटे की मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रमोद ही परिवार का सहारा था और उसी के सहारे घर की जिम्मेदारियां चल रही थीं।
गांव में शोक का माहौल
प्रमोद की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव के लोग इस असामयिक मौत से स्तब्ध हैं। हर कोई यही कहता नजर आया कि मेहनत-मजदूरी कर परिवार को बेहतर भविष्य देने गया युवक यूं अचानक चला जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था।
बैंकाक में अंतिम संस्कार
परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को बैंकाक स्थित विष्णु मंदिर के पास प्रमोद का अंतिम संस्कार किया गया। वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी।
मेहनत और सपनों की कहानी अधूरी रह गई
प्रमोद कुमार यादव परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। उसके कई सपने थे—बेटियों की अच्छी पढ़ाई और परिवार का सुरक्षित भविष्य। लेकिन एक सड़क हादसे ने सब कुछ छीन लिया।
आज हरनही गांव में सन्नाटा है और हर आंख नम। परिवार अब सिर्फ उसी की यादों के सहारे खुद को संभालने की कोशिश कर रहा है।