दही-चूड़ा भोज में राजनीति गरमाई, चिराग पासवान ने तेज प्रताप को दिया NDA में आने का संकेत
पटना में दो भोज, लेकिन चाचा-भतीजा अलग
पटना में गुरुवार को लोजपा (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) की ओर से अलग-अलग दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। हालांकि दोनों आयोजनों में एक बात समान रही—चाचा पशुपति कुमार पारस और भतीजा चिराग पासवान एक-दूसरे के भोज में नजर नहीं आए। बताया गया कि दोनों के बीच एक-दूसरे को आमंत्रण ही नहीं भेजा गया था, जिससे राजनीतिक दूरी साफ झलकी।
तेज प्रताप यादव को लेकर चिराग का बड़ा बयान
लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को लेकर नरम रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अगर तेज प्रताप यादव एनडीए में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें इससे खुशी होगी। चिराग ने यह भी कहा कि तेज प्रताप से उनका पारिवारिक रिश्ता है और उनके प्रति उनकी सहानुभूति बनी हुई है।
फोन कॉल पर नहीं हो पाई बातचीत
चिराग ने बताया कि दो दिन पहले तेज प्रताप यादव ने उन्हें अपने सरकारी आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में आमंत्रित करने के लिए फोन किया था, लेकिन व्यस्तता के कारण बातचीत नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि यह केवल संयोग था, इसे राजनीतिक तौर पर अलग तरह से नहीं देखा जाना चाहिए।
लोजपा (रा) भोज में NDA के बड़े चेहरे
लोजपा (रामविलास) के दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन, सांसद रविशंकर प्रसाद समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
रालोजपा के भोज में पारस ने दिखाई ताकत
दूसरी ओर रालोजपा अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस के दही-चूड़ा भोज में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। पूर्व सांसद सूरजभान भी इस भोज में शामिल हुए। पारस ने कहा कि वे पार्टी को मजबूत करने के लिए जल्द ही राज्यभर में अभियान चलाएंगे।
बिहार की राजनीति में संकेत साफ
दही-चूड़ा भोज के बहाने बिहार की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत मिले। जहां चिराग पासवान ने तेज प्रताप को लेकर सियासी दरवाजा खुला रखा, वहीं चाचा-भतीजा की दूरी ने आने वाले समय में राजनीतिक खींचतान के संकेत भी दे दिए हैं।