आईटीबीपी का जवान निवेश के जाल में फंसा, साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर उड़ाए 51 लाख रुपये
वॉट्सऐप पर युवती ने संपर्क कर जोड़ा ट्रेडिंग ग्रुप से, फर्जी एप पर मुनाफा दिखाकर की बड़ी ठगी
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेटर नोएडा में रहने वाले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक जवान से साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 51 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगों ने पहले वॉट्सऐप पर संपर्क कर भरोसा जीता, फिर फर्जी निवेश एप के जरिए मुनाफा दिखाकर जवान को अपने जाल में फंसा लिया। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ। मामले में साइबर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित जवान राजेश कुमार वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर गांव लखनावली में रहते हैं और मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 26 अगस्त को उनके वॉट्सऐप नंबर पर एक युवती ने संपर्क किया। युवती ने अपना नाम ईशा देसाई बताते हुए खुद को मुंबई के मालाबार हिल का निवासी बताया। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से लगातार बातचीत कर उसने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया।
टेलीग्राम लिंक और फर्जी ट्रेडिंग एप
युवती ने टेलीग्राम के जरिए एक लिंक भेजा, जिससे ‘गो मार्केट ग्लोबल सीएस’ नाम की एक एप्लीकेशन डाउनलोड कराई गई। एप पर रजिस्ट्रेशन के बाद पीड़ित के नाम से एक पेज बनाया गया, जिसमें निवेश की रकम और मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिखाया जाता था। शुरुआत में जवान से छोटी रकम निवेश कराई गई और करीब 5 हजार रुपये निकालकर उनके बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दिए गए। इससे पीड़ित का भरोसा पूरी तरह बन गया।
51 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर
ठगों के कहने पर पीड़ित ने अपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से करीब 25 से अधिक बार में कुल 51 लाख 6 हजार 152 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। एप पर मुनाफा दिखता रहा, लेकिन जब जवान ने पूरी रकम निकालने की कोशिश की तो विड्रॉल नहीं हो पाया। इसके बाद ठगों ने ट्रांजैक्शन फीस, टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए।
दोस्तों और रिश्तेदारों से लिया उधार
पीड़ित ने बताया कि उनके पास पहले से करीब 45 लाख रुपये जमा थे, लेकिन एप पर बढ़ते मुनाफे को देखकर वह लालच में आ गए। उन्होंने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी उधार लेकर ठगों को पैसे ट्रांसफर किए। जब और रकम देने से इनकार किया गया तो ठगों ने संपर्क बंद कर दिया।
साइबर पुलिस जांच में जुटी
29 नवंबर को पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला साइबर थाने में ट्रांसफर किया गया। पुलिस अब जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनके आधार पर जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, निवेश एप या ऑनलाइन मुनाफे के लालच से दूर रहें और सतर्कता बरतें।