ई-स्कूटी लीज स्कीम के नाम पर ठगी: बाइक बोट की तर्ज पर फ्रॉड करने वाला कंपनी संचालक गिरफ्तार

Share your love


बाइक बोट की तर्ज पर ई-स्कूटी लीज स्कीम में निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले एक कंपनी संचालक को फेज-2 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 21 वर्षीय सौरभ मिश्रा (निवासी बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ईको जैप स्मार्ट मोबिलिटी नाम से कंपनी खोलकर नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की।

पुलिस जांच में सामने आया है कि अक्टूबर महीने में नोएडा में कंपनी खोलकर आरोपी ने लोगों को 85 हजार रुपये निवेश पर ई-स्कूटी देने और स्कूटी को कंपनी की ओर से लीज पर लेकर 7 हजार रुपये मासिक किराया देने का लालच दिया। स्कीम के तहत तीन साल बाद स्कूटी निवेशक को वापस करने का दावा किया गया था, लेकिन आरोपी ने किसी भी पीड़ित को स्कूटी नहीं दी।

32 से ज्यादा निवेशकों से ठगी की आशंका


पुलिस के मुताबिक, आरोपी अब तक करीब 32 निवेशकों से करोड़ों रुपये ठग चुका है। इससे पहले वह अपने भाई के साथ गाजियाबाद में भी इसी तरह की ठगी कर चुका है। उस मामले में उसका भाई गौरव मिश्रा पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में बंद है। गाजियाबाद पुलिस से बचने के बाद सौरभ ने नोएडा में नई कंपनी खोलकर ठगी का नेटवर्क फैलाया।

दो शिकायतों पर खुला मामला


डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि फेज-2 थाने में दो पीड़ितों ने शिकायत दी थी, जिनसे 7 लाख और 10 लाख रुपये की ठगी हुई थी। जांच के बाद पुलिस टीम ने रविवार को भंगेल इलाके से आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के बैंक खातों में करोड़ों रुपये मिले हैं, जिससे ठगी का दायरा और बढ़ने की आशंका है।

भाई के आइडिया पर खोली कंपनी


पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके बड़े भाई गौरव मिश्रा ने, जो कंप्यूटर साइंस में बीटेक पास है, इस स्कीम का आइडिया दिया था। सौरभ ने उसी के निर्देश पर दो महीने पहले कंपनी शुरू की। आरोपी ने किस्तों पर स्कूटी दिलाने और ईएमआई कंपनी द्वारा चुकाने जैसे ऑफर भी दिए, जिससे निवेशकों का भरोसा जीत लिया गया।

सोशल मीडिया और ब्रोकरों के जरिए फंसाते थे लोग


पुलिस ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए स्कीम का प्रचार कर रहा था। दिल्ली-एनसीआर में ब्रोकरों का नेटवर्क बनाकर कमीशन पर निवेशक जुटाए जाते थे। फर्जी ऑफिस की तस्वीरें दिखाकर और दिल्ली में मुख्य दफ्तर होने का दावा कर लोगों को झांसे में लिया जाता था।

जेल से मॉनिटरिंग की आशंका


पुलिस को शक है कि जेल में बंद मुख्य आरोपी गौरव मिश्रा ही नोएडा में चल रही कंपनी की गतिविधियों को मॉनिटर कर रहा था। सेंट्रल नोएडा पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे पीड़ित सामने आएंगे, मामले में और धाराएं जोड़ी जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us