फेसबुक फ्रेंडशिप का जाल: महिला ने 76 वर्षीय बुजुर्ग से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 79 लाख की ठगी

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 12 बार में रकम ट्रांसफर, फर्जी मुनाफे और टैक्स का लालच देकर किया शिकार

नोएडा। फेसबुक पर दोस्ती और शेयर ट्रेडिंग का लालच देकर 76 साल के बुजुर्ग से 79 लाख रुपये की ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-94 सुपरनोवा रेजिडेंसी निवासी जयप्रकाश अग्रवाल ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया है। आरोप है कि एक महिला ने खुद को अनुभवी ट्रेडर बताकर बुजुर्ग को ऑनलाइन फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश करने के लिए उकसाया और 12 बार में लाखों रुपये खाते में डलवाए।

फेसबुक पर दोस्ती, फिर व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर शुरू हुआ खेल

10 सितंबर को फेसबुक पर आरुषि कपूर नाम की महिला ने खुद को बेंगलुरु का निवासी बताते हुए पीड़ित से चैटिंग शुरू की।
महिला ने दावा किया कि वह अंतरराष्ट्रीय शेयर ट्रेडिंग करती है और उसके चाचा अमेरिका में रहते हैं।

कुछ ही दिनों में भरोसा जीतकर महिला ने बुजुर्ग को अपने व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया, जहां उन्हें फर्जी ट्रेडिंग ट्रेनिंग और मुनाफे के झूठे स्क्रीनशॉट दिखाए गए।

पहले 5 लाख खुद निवेश दिखाया, फिर बुजुर्ग से 50 हजार की शुरुआत

भरोसा जीतने के लिए महिला ने अपने खाते से पीड़ित के नाम पर 5 लाख रुपये निवेश करने का नाटक किया।
इससे प्रभावित होकर बुजुर्ग ने प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाकर पहली बार 50 हजार रुपये जमा कर दिए।

सितंबर से 15 अक्टूबर तक बुजुर्ग 10 लाख रुपये निवेश कर चुके थे, क्योंकि प्लेटफॉर्म पर नकली मुनाफा दिखाया जा रहा था।

50,000 USDT स्कीम ने फंसाया, बुजुर्ग ने 50 लाख और भेजे

प्लेटफॉर्म ने एक ‘रिबेट स्कीम’ चलाई—
50,000 USDT डालो, 25,000 USDT बोनस पाओ।
महिला के कहने पर बुजुर्ग ने 16 अक्टूबर तक 50 लाख रुपये निवेश कर दिए।

इसके बाद एक दूसरी स्कीम में 20 लाख और भेजने को कहा गया।
बुजुर्ग ने कुल 79 लाख 20 हजार रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

प्लेटफॉर्म पर यह रकम बढ़कर 1.83 करोड़ रुपये दिख रही थी।

रकम निकालनी चाही तो 60 हजार USDT टैक्स की मांग

28 अक्टूबर को पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की।
तभी प्लेटफॉर्म ने कहा कि पहले 60,999 USDT (लगभग 54 लाख रुपये) अमेरिकी टैक्स और 30% अन्य शुल्क भरना होगा।

बुजुर्ग ने कहा कि टैक्स उनकी मौजूदा बैलेंस से काट लिया जाए, लेकिन प्लेटफॉर्म ने इनकार कर दिया।
इसके बाद महिला ने संपर्क तोड़ लिया और सभी सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए।

महिला ने 55 लाख ‘मदद के रूप में देने’ का दावा किया, 5 लाख और मांग रही थी

पीड़ित ने बताया कि महिला ने उन्हें भरोसे में लेकर कहा कि वह उनके लिए 55 लाख रुपये टैक्स में देने को तैयार है,
लेकिन साथ में दबाव बनाने लगी कि बुजुर्ग 5 लाख रुपये और भेज दें।

जब पीड़ित ने संदेह जताकर उसका दूसरा नंबर मांगा, तो महिला टालती रही।
आखिरकार उसने अपना फेसबुक और व्हाट्सऐप अकाउंट डिलीट कर दिया।
वह आयुषी ओबेरॉय और अम्मू नाम से भी फर्जी प्रोफाइल चला रही थी।

भरोसा जीतने के लिए वह आज़ादी से जुड़े सामाजिक कार्यों और वृद्धाश्रमों की तस्वीरें भी भेजती थी।

पुलिस ने साइबर ठगी का केस दर्ज किया

साइबर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुरुआती जांच में मामला अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़ा माना जा रहा है।

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