दिल्ली में नाबालिगों द्वारा बढ़ती आपराधिक घटनाएं
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे गंभीर अपराधों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। नए साल के पहले ही सप्ताह में 13 नाबालिग ऐसे मामलों में लिप्त पाए गए हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न से लेकर हत्या तक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, रोहिणी के एक सरकारी स्कूल में एक छात्र के साथ यौन उत्पीड़न, शकर्पुर और वजीराबाद में हत्या की दो घटनाएँ और हज़रत निज़ामुद्दीन क्षेत्र में एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या — सभी में नाबालिग आरोपित सामने आए हैं।
दिल्ली पुलिस द्वारा जनवरी से अगस्त 2025 के बीच उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, नाबालिगों द्वारा अपराधों में भारी उछाल देखा गया है। इस अवधि में 101 हत्याओं, 92 बलात्कार, 157 डकैती और चोरी, 161 हत्या के प्रयास और 139 चोट पहुंचाने के मामलों में नाबालिग शामिल पाए गए। कुल मिलाकर, 460 चोरी और चोरियों से जुड़े केसों में भी नाबालिगों की गिरफ्तारी हुई।
गिरफ्तारियों के विस्तृत आंकड़े बताते हैं कि
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190+ नाबालिग हत्या के आरोप में,
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288 हत्या के प्रयास में,
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268 डकैती और चोरी में,
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101 बलात्कार मामलों में,
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और 220 चोट पहुंचाने के आरोप में पकड़े गए।
सबसे ज्यादा मामले चोरी और डकैती से जुड़े रहे, जिनमें 575 नाबालिगों की गिरफ्तारी हुई।
अपराधशास्त्रियों का कहना है कि यह बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों के अनुसार, नाबालिगों में रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ते अपराधों के पीछे कई कारण हैं — जिनमें परिवार की निगरानी में कमी, शिक्षा से दूरी, मानसिक तनाव, परवरिश में असंतुलन, सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव और गलत संगत प्रमुख हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग होने के बावजूद किसी भी गंभीर अपराध को हल्के में नहीं लिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि सुधार गृहों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसे बच्चों को समाज से जोड़ने और उनमें सकारात्मक व्यवहार विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली में नाबालिग अपराधियों की बढ़ती संख्या ने आम नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनौती से निपटने के लिए परिवार, स्कूल और समाज को एक साथ आकर बच्चों में मूल्य, अनुशासन और जिम्मेदारी का भाव विकसित करना होगा, तभी राजधानी में ऐसे मामलों में कमी लाई जा सकेगी।