उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बगावत: परिजनों को बढ़ावा देने का आरोप, 7 नेताओं ने दिया इस्तीफा
बिहार की राजनीति में उठी नई हलचल
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में बड़ा तूफ़ान खड़ा हो गया है। पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ उनकी ही पार्टी में बगावत तेज़ हो गई है। पार्टी के सात नेताओं ने इस्तीफा देकर साफ़ कहा है कि संगठन में “परिवारवाद” हावी हो गया है और पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक रही है।
बगावत की वजह – बेटे को दिया मंत्री पद का मौका
विवाद उस समय शुरू हुआ जब उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया। खास बात यह है कि दीपक न विधायक हैं और न ही विधान परिषद सदस्य, जबकि पार्टी में मौजूदा चार विधायक मौजूद हैं जिन्हें इस पद के लिए चुना जा सकता था। इसी फैसला ने नाराज़गी को खुलकर बाहर ला दिया।
नेताओं का आरोप – पार्टी ‘घर की जागीर’ बन रही
इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि RLM में फैसले अब लोकतांत्रिक नहीं, बल्कि पारिवारिक हितों के आधार पर लिए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया—
पार्टी को परिवार की संपत्ति की तरह चलाया जा रहा है
कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनाधार को नजरअंदाज किया जा रहा है
मंत्री पद के लिए योग्य विधायकों को छोड़कर सीधे बेटे का चयन किया गया
नेताओं ने कहा कि RLM जनता की आवाज़ बनने के मक़सद से खड़ी हुई थी, लेकिन आज हालात बदल गए हैं।
बिहार में फिर उभरा परिवारवाद का मुद्दा
राजनीति में परिवारवाद का आरोप नया नहीं, लेकिन इस बार यह चर्चा एक सहयोगी दल के भीतर से उठी है। यह वही खेमा़ है जो अक्सर विपक्ष पर वंशवाद के आरोप लगाता रहा है। इसलिए यह विवाद राजनीतिक गलियारों में और भी गंभीर माना जा रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल उपेंद्र कुशवाहा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अब देखना दिलचस्प होगा—
➡ पार्टी में यह दरार कितनी गहरी होती है
➡ BJP अपने सहयोगी दल की इस स्थिति में क्या रणनीति अपनाती है
बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और बड़े बदलाव ला सकता है।