शाहरुख खान ने ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 में दी शहीदों को श्रद्धांजलि, कहा– ‘भारत की शांति कोई छीन नहीं सकता’
मुंबई में ग्लोबल पीस ऑनर्स के मंच पर बादशाह की भावुक अपील
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान शनिवार को ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 का हिस्सा बने। मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम में शाहरुख खान ने देश में हुए आतंकवादी हमलों का ज़िक्र करते हुए शहीदों को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 26/11 मुंबई हमला, पहलगाम आतंकवादी हमला और हाल ही में हुए दिल्ली बम ब्लास्ट के पीड़ितों को याद करते हुए मंच से देशभर में शांति और एकता का संदेश दिया।
‘मैं देश की रक्षा करता हूं’—शहीद जवानों पर SRK की भावुक पंक्तियाँ
कार्यक्रम के दौरान शाहरुख खान ने कहा,
“26/11, पहलगाम हमला और दिल्ली ब्लास्ट में अपने प्राणों की आहूति देने वाले बेगुनाह लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। और इन हमलों में शहादत पाने वाले हमारे वीर सुरक्षाकर्मियों को मेरा सादर नमन।”
इसके बाद उन्होंने जवानों के सम्मान में चार विशेष पंक्तियाँ पढ़ीं, जो पूरे हॉल में गूंज उठीं—
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“जब कोई तुमसे पूछे कि तुम क्या करते हो, तो सीना ठोक कर कहना—‘मैं देश की रक्षा करता हूं।’”
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“पूछे अगर कोई—‘कितना कमा लेते हो?’ तो मुस्कुरा कर कहना—‘140 करोड़ लोगों की दुआएं।’”
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“और अगर कोई पूछे—‘डर नहीं लगता?’ तो आंख में आंख डालकर कहना—‘जो हम पर हमला करते हैं, उन्हें लगता है।’”
शहीदों के परिवारों को सलाम, कहा– ‘लड़ाई उन्होंने भी लड़ी’
शाहरुख खान ने मंच से शहीदों के परिवारों को संबोधित करते हुए कहा,
“मैं उन मांओं को सलाम करता हूं, जिनकी कोख ने इन बहादुर बेटों को जन्म दिया। उनके पिता के जज्बे को, उनके पार्टनर्स के हौसले को सलाम। जंग में वो थे, लेकिन लड़ाई आपने भी लड़ी—हिम्मत और जांबाजी के साथ।”
‘भारत कभी नहीं झुकता, हमारी शांति कोई छीन नहीं सकता’
शाहरुख ने आगे कहा कि भारत की शक्ति उसकी एकता और सैनिकों की बहादुरी में है।
“भारत कभी झुकता नहीं। हमें कोई रोक नहीं पाया, हमें हरा नहीं पाया। जब तक हमारे सुपरहीरो—वर्दी के लोग—हमारी रक्षा कर रहे हैं, देश की शांति कोई छीन नहीं सकता।”
शांति और इंसानियत का संदेश
अपने भाषण के अंत में शाहरुख खान ने कहा कि पूरी दुनिया शांति की तलाश में है और भारत को भी एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा—
“शांति से ही विचार जन्म लेते हैं, नई सोच और नए आइडियाज आते हैं। चलिए हम सब मिलकर शांति की ओर कदम बढ़ाएं—जात-पात, भेदभाव और तेरा-मेरा भूलकर इंसानियत की राह पर चलें। अगर हमारे बीच शांति होगी, तो कोई भी ताकत भारत को नहीं हिला सकती।”