एपीके फाइल के नाम पर साइबर ठगी बढ़ी: जीवन प्रमाण पत्र अपडेट के बहाने खाली कर रहे खाते

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रिटायर्ड अधिकारियों को निशाना बनाकर वेरिफिकेशन के नाम पर हो रही ठगी

इन दिनों साइबर अपराधी ठगी करने का नया तरीका ट्राई कर रहे हैं। जिसमें किसी बहाने लोगों के फोन पर एपीके फाइल भेजकर ओपन करने के लिए बोलते हैं और फोन का एक्सेस हैक कर बैंक खाता खाली कर देते हैं। सरकारी और प्राइवेट कंपनियों से रिटायर्ड अधिकारियों को पेंशन से जुड़े जीवन प्रमाण पत्र वेरिफीकेशन कराने के बहाने ठगी शुरू कर दिए हैं। इस तरह के मामले में जिले में अक्टूबर और नवंबर में कुल 9 मामले में आए हैं। साइबर थाने की पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों को झांसे में लेते हैं। इसके बाद ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। अभी पिछले सप्ताह गुरुवार को एक व्यक्ति के साथ ठगों ने वॉट्सऐप पर स्क्रीन शेयर कराने के बाद 10 लाख रुपये ठग लिए। घटना में साइबर थाने की पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को सेक्टर 74 सुपरटेक केपटाउन सोसायटी निवासी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 13 नवंबर को फोन चला रहे थे। उन्होंने फेसबुक पर बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक में जीवन प्रमाण पत्र अपडेट संबंधित पोस्ट देखा। क्लिक करने पर एक पीड़ित सीधे एक वॉट्सऐप नंबर से जुड़ गए। इसी दौरान 11:40 बजे एक अनजान नंबर से उनके फोन पर कॉल आई और विडियो कॉल में तब्दिल हो गई। आपराधी ने खुद को बैंक से जुड़ा कर्मचारी बताकर बातचीत शुरू की। पीड़ित का जीवन प्रमाण पत्र अपडेट में मदद करने की बात कही।

साथ ही ठग ने अवधेश से वॉट्सऐप विडियो कॉल की स्क्रीन शेयर करने के लिए बोला। पीड़ित से फॉर्म भरवाने के बहाने एक एपीके फाइल भेजी गई। जिसे उन्होंने डाउनलोड कर लिया और 12:08 बजे फोन का एक्सेस हैक हो गया। ठग ने कुल 7 से अधिक बार में पीड़ित के बैंक खाते से 10 लाख 62 हजार रुपये निकाल लिए। आरोपी के बात करते हुए पीड़ित ने स्क्रीन शॉट तो लिया है लेकिन ठगों की जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाए। इसी तरह पिछले दिनों से आईजीएल गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर ठग एपीके फाइल भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। साइबर थाने की पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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