फर्जी आईजीएल कॉल से रिटायर्ड कर्नल के साथ 29 लाख की साइबर ठगी, कनेक्शन काटने की धमकी बनी जाल
फर्जी आईजीएल कॉल से रिटायर्ड कर्नल के साथ 29 लाख की साइबर ठगी, कनेक्शन काटने की धमकी बनी जाल
आईजीएल गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर सेक्टर 28 निवासी रिटायर्ड कर्नल के साथ साइबर आपराधियों ने 29 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित के मोबाइल पर सात नवंबर को फर्जी आईजीएल कर्मी ने कॉल कर बिल नहीं जमा होने की जानकारी दी। साथ ही जल्द बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन कटने की चेतावनी दी। कर्नल ने बिल जमा होने का दावा किया तो ठग ने वॉट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर स्टेटस चेक करने के लिए बोला। फाइल खोलते ही मोबाइल हैक हो गया और ठग ने बैंक खाते से 20 से अधिक बार में 28 लाख 87 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। घटना के तीन दिन बाद 10 नवंबर को पीड़ित को बैंक की तरफ से भेजे गए मैसेज से रुपये निकलने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने बैंक शाखा, एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दी। अब मामले में साइबर थाने की पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हैक हुआ मोबाइल और खाली हुए बैंक खाते
पुलिस को सेक्टर 28 में रहने वाले गोपाल कनाल ने बताया कि सेक्टर 29 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा में उनका दो बैंक अकाउंट चालू है। 7 नवंबर को राहुल नाम के व्यक्ति ने कॉल किया और खुद को आईजीएल कर्मी बनकर बात की। पीड़ित के फोन पर एपीके फाइल भेजने के बाद जल्दी से उसे ओपने करने को कहा। पीड़ित के लिंक पर क्लिक करते ही फोन स्वीच ऑफ हो गया और ठग फोन का एक्सेस हैक कर लिया। इसके बाद पीड़ित के दोनों बैंक खातों से 13 क्रेडिट कार्ड बील के रूप रुपये ट्रांसफर कर लिए।
आईएमपीएस के जरिए सात बार में बड़े अमाउंट का ट्रांसफर
साथ ही सात बार में आईएमपीएस तकनीक का सहारा लेकर बड़े अमाउंट में रुपये अन्य बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं। पीड़ित का आरोप है कि बैंक कर्मियों की मिलीभगत से यह साइबर ठगी हुई है। क्योंकि बैंक की तरफ से 10 नवंबर शाम को रुपये कटने के मैसेज आने शुरू हुए। ठगों ने पीड़ित के बैंक शाखा को दूसरे बैंक के क्रेडिट कार्ड का अनुरोध भेजकर रुपये ट्रांसफर कराए हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस, खातों की जानकारी जुटाई
मामले में साइबर थाने की पुलिस केस दर्ज कर रकम ट्रांसफर खातों की जानकारी जुटा ली है। साथ ही जांच कर जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की बात कह रही है।