गुरुग्राम की वकील, पति और साथी गिरफ्तार: फर्जी POCSO केस और रंगदारी का खुलासा
गुरुग्राम पुलिस ने गुरुवार को एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए 26 वर्षीय वकील गीतिका़ चौला, उनके पति हर्ष कुमार ठक्कर और सहयोगी हनुमान को गिरफ्तार किया है। इन पर फर्जी बाल यौन शोषण (POCSO) मामलों के जरिए लोगों से पैसे वसूलने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया कि ये गिरोह झूठे केस दर्ज कराकर वसूली करता था।
पुलिस के मुताबिक, मामला तब सामने आया जब 29 अक्टूबर को सेक्टर-65 थाने में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके आठ वर्षीय बेटे का अपहरण कर दुष्कर्म किया गया है। शिकायतकर्ता ने खुद को रोहित कुमार (फर्रुखनगर निवासी) बताया और आधार कार्ड भी दिया। जांच में पता चला कि आधार कार्ड फर्जी था और शिकायत पहले से दर्ज एक रंगदारी मामले से जुड़ी हुई थी।
पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जब मोबाइल नंबर ट्रेस किया, तो वह पहले के एक वसूली केस में भी इस्तेमाल हुआ पाया गया। जांच के बाद हनुमान, जो पेशे से गुब्बारे बेचने वाला है, को 6 नवंबर को अजमेर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसे गीतिका़ चौला और हर्ष ठक्कर ने यह साजिश रचने को कहा था। उन्होंने उसे फोन, सिम कार्ड और टाइप की हुई शिकायत दी थी ताकि पुलिस में झूठी FIR दर्ज कराई जा सके।
आरोप है कि गीतिका़ चौला उस आईटी प्रोफेशनल की पत्नी का केस लड़ रही थी, जिसके खिलाफ यह झूठा आरोप लगाया गया।
पुलिस के अनुसार, दंपती ने पति से समझौता राशि वसूलने के लिए झूठे दुष्कर्म का केस बनाने की योजना बनाई थी।
सेक्टर-72 स्थित टाटा प्रिमांटी सोसायटी में उनके फ्लैट पर छापे के दौरान पुलिस को ₹1.14 करोड़ नकद, ₹2.88 करोड़ के सोने के गहने, 10 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, लैपटॉप, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, पासपोर्ट और फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए। कोर्ट ने हर्ष ठक्कर को 5 दिन की पुलिस रिमांड, जबकि गीतिका़ चौला और उनके पति को 7 दिन की रिमांड पर भेजा है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कई और मामलों में भी शामिल हो सकता है और जांच जारी है।