इंस्टाग्राम विज्ञापन बना ठगी का जरिया, व्यक्ति से उड़ाए 42 लाख रुपये
15 बार में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई रकम, शेयर मार्केट में मुनाफे का लालच देकर फंसाया जाल
शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर ठगी
नोएडा के सेक्टर-134 में रहने वाले एक व्यक्ति से साइबर अपराधियों ने 42.78 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने शेयर बाजार में निवेश कर 15-20% मुनाफे का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।
मामला साइबर थाने में दर्ज कर लिया गया है और पुलिस खातों के माध्यम से जांच कर रही है।
इंस्टाग्राम पर दिखा विज्ञापन बना ठगी की शुरुआत
पीड़ित रईश अहमद, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, ने बताया कि जुलाई महीने में इंस्टाग्राम स्क्रोलिंग के दौरान एक निवेश विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने लिंक पर क्लिक किया।
इसके बाद उनसे ‘प्रिया’ नाम की महिला ने संपर्क किया और उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया।
ग्रुप में पहले से कई लोग थे जो मुनाफे के स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे थे, जिससे रईश का भरोसा बढ़ गया।
पहले मुनाफा लौटाया, फिर ठग लिए लाखों
बाद में रईश को दूसरे ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां आनंद और दयानंद नाम के दो लोगों ने खुद को आईआईएफएल कंपनी से जुड़ा बताते हुए निवेश के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने रईश से छोटे अमाउंट में निवेश करवाया और पहली बार में मुनाफा लौटा भी दिया।
इससे भरोसा बढ़ा और रईश ने 15 से अधिक बार में 42.78 लाख रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
मुनाफा निकालने की कोशिश पर मांगी फीस, फिर किया ब्लॉक
जब अगस्त में रईश ने मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने ‘प्लेटफार्म फीस’ के नाम पर और पैसे मांगे।
रईश ने मना किया तो उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर सेल ने शुरू की जांच
पुलिस के अनुसार, ठगों ने फर्जी निवेश लिंक और वॉट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से लोगों को फंसाने की नई रणनीति अपनाई है।
फिलहाल साइबर सेल खातों के ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है, ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके।
पुलिस की चेतावनी:
सोशल मीडिया पर किसी भी निवेश विज्ञापन या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच-पड़ताल करें।
अधिकारियों ने कहा — “साइबर अपराधी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ठगी का नया अड्डा बना रहे हैं