अंत्योदय राशन कार्ड घोटाले की शिकायत पर प्रशासन सख्त, गांव पहुंची जांच टीम; अपात्रों पर कार्रवाई की तैयारी
गरीबों के हक पर डाका! बिल्हौर के डुंडवा जमौली गांव में शुरू हुआ अंत्योदय कार्डों का सत्यापन
Mediawali news, Kanpur
कानपुर के बिल्हौर तहसील क्षेत्र के डुंडवा जमौली गांव में अंत्योदय राशन कार्डों में कथित गड़बड़ी और अपात्र लोगों को लाभ मिलने की शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को प्रशासनिक टीम गांव पहुंची और अंत्योदय कार्ड धारकों की जांच-पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पूरे गांव में हलचल और चर्चा का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई ऐसे लोग अंत्योदय राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं, जो इसके लिए पात्र नहीं हैं। इससे वास्तविक गरीब और जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना का लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से किए जाने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
अंत्योदय राशन कार्ड को लेकर जिलाधिकारी से हुई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार गांव निवासी आदित्य कुमार ने 14 अप्रैल को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव में कई अपात्र लोगों के नाम अंत्योदय राशन कार्ड सूची में शामिल हैं। शिकायत में कहा गया कि आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी सरकारी राशन योजना का लाभ उठा रहे हैं, जबकि गरीब परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली लोग नियमों को ताक पर रखकर कार्ड बनवाए हुए हैं। बाद में इस मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से भी की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश जारी किए।
प्रशासनिक टीम ने गांव पहुंचकर शुरू की जांच
जिलाधिकारी के निर्देश पर शिवराजपुर खंड विकास अधिकारी नेमीचंद को मामले की जांच सौंपी गई। इसके बाद एडीओ पंचायत प्रभारी अंजली पांडेय के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। मंगलवार को टीम गांव पहुंची और ग्राम सचिव राजेश सिंह के साथ लाभार्थियों की पात्रता की जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम ने राशन कार्ड धारकों के दस्तावेजों की जांच की। साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति, आय और सरकारी मानकों के आधार पर पात्रता का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने कई परिवारों से पूछताछ भी की और गांव में जाकर वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया।
जांच के दौरान गांव में मचा हड़कंप
प्रशासनिक टीम के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। कई लोग जांच को लेकर चिंतित दिखाई दिए, जबकि कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से गांव में अपात्र लोगों द्वारा सरकारी राशन योजना का लाभ लेने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इससे वास्तविक गरीब परिवारों को नुकसान हो रहा था। कई ग्रामीणों ने कहा कि सरकार गरीबों के लिए योजनाएं चलाती है, लेकिन गलत तरीके से कार्ड बनवाने वाले लोग उनका फायदा उठा लेते हैं।
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कुछ लोगों ने किया विरोध
जांच के दौरान कुछ ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। उनका कहना था कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और किसी के साथ पक्षपात नहीं होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर कई ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई को सही बताते हुए कहा कि यदि अपात्र लोगों के कार्ड निरस्त होंगे तो वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में कुछ ऐसे लोग भी अंत्योदय राशन कार्ड का लाभ उठा रहे हैं, जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं और आगामी पंचायत चुनाव में प्रधान पद की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग भी ग्रामीणों ने प्रशासन से की।
पात्र परिवारों को नहीं मिल पा रहा लाभ
गांव के कई लोगों ने बताया कि गरीब परिवारों के पास आज भी राशन कार्ड नहीं हैं, जबकि कुछ संपन्न लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे गरीबों के हक पर डाका पड़ रहा है। लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की जांच के बाद पात्र और अपात्र लोगों की सही पहचान हो सकेगी और गलत तरीके से बने कार्ड निरस्त किए जाएंगे। इससे भविष्य में जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल पाएगा।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खंड विकास अधिकारी नेमीचंद ने बताया कि मामले की जांच लगभग पूरी कर ली गई है। जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति अपात्र पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
जांच के दौरान ग्राम प्रधान पति अमित कुमार, रामजी शुक्ला समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। गांव में पूरे दिन इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद अब सभी की नजर रिपोर्ट पर टिकी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद गांव में चल रही अनियमितताओं का खुलासा होगा और गरीबों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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