गौतमबुद्ध नगर की 17 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित, गोल्ड-सिल्वर प्रतिमा से सम्मानित
Mediawali news, Noida
गौतमबुद्ध नगर में टीबी मुक्त अभियान के तहत शुक्रवार को विकास भवन सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा स्थित सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम” के अंतर्गत जिले की 17 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रियंका सिंह और डॉ नरेंद्र कुमार ने की। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में टीबी मुक्त गांव बनाने में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया।
दो ग्राम पंचायतों को मिला गोल्ड सम्मान
कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाली दो ग्राम पंचायतों को गोल्ड प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। इसमें गांव चचुरा और दलेलपुर शामिल रहे। इन पंचायतों ने टीबी मरीजों की पहचान, जागरूकता अभियान और उपचार सुनिश्चित कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा छह ग्राम पंचायतों को सिल्वर प्रतिमा से सम्मानित किया गया। इनमें छायसा, रायपुर कला, साहपुर खुर्द, लोडोना, माहारा और चुहड़पुर बांगर गांव शामिल हैं।
नौ पंचायतों को कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र
कार्यक्रम में नौ ग्राम पंचायतों को महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित पंचायतों में इस्लामाबाद कल्दा, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, गुलावठी खुर्द, कैमराला चकरसेनपुर, नूरपुर, धनुबाश, मकनपुर खादर, मोडलपुर और जहाँगीरपुर शामिल रहे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इन पंचायतों ने गांव स्तर पर टीबी मरीजों की पहचान और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे अहम
जिला टीबी अधिकारी डॉ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गांवों को टीबी मुक्त बनाने में ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानों ने घर-घर जाकर मरीजों की पहचान कराने और लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने का काम किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से ही टीबी जैसी बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
प्रधानों ने लिया टीबी मुक्त गांव का संकल्प
सम्मान प्राप्त करने वाले ग्राम प्रधानों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे गांव के लिए गर्व की बात है। उन्होंने संकल्प लिया कि भविष्य में भी अपने-अपने गांवों को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला टीबी विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें पवन कुमार, हरिओम प्रकाश, अम्बुज पाण्डेय, आलोक कुमार, कमल आर्य, गौरव सक्सेना, अशोक कुमार और वीरेंद्र तिवारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।