बंगाल चुनाव: 15 मतदान केंद्रों पर होगा पुनर्मतदान
Mediawali news
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है। आयोग के निर्देशानुसार इन सभी बूथों पर 2 मई को सुबह 7 बजे से दोबारा वोटिंग कराई जाएगी। यह फैसला मतदान के दौरान मिली शिकायतों और कथित अनियमितताओं की रिपोर्ट के बाद लिया गया है।
डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम के बूथ शामिल
चुनाव आयोग के अनुसार, पुनर्मतदान वाले 15 मतदान केंद्रों में 143-डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 और 142-मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 बूथ शामिल हैं। इन मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी और चुनावी धांधली की आशंका जताई गई थी। आयोग ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। संबंधित अधिकारियों को शांतिपूर्ण मतदान कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रिकॉर्ड मतदान ने खींचा ध्यान
पश्चिम बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों में से पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले गए। दोनों चरणों में रिकॉर्ड स्तर पर मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पहले चरण में 93.19 प्रतिशत और दूसरे चरण में 92.67 प्रतिशत मतदान हुआ। इस तरह राज्य में कुल औसत मतदान 92.93 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिसे देश के किसी भी विधानसभा चुनाव में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी मतदान आने वाले चुनाव परिणामों पर बड़ा असर डाल सकता है।
मतगणना से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राज्य में 4 मई को मतगणना होनी है। इससे पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि मतगणना केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम की 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं और आम लोग भी बाहर लगे मॉनिटर के जरिए निगरानी की स्थिति देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है।
थर्ड जेंडर मतदाताओं ने बनाया रिकॉर्ड
इस बार के चुनाव में थर्ड जेंडर मतदाताओं की भागीदारी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनाव आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में थर्ड जेंडर समुदाय के 91.28 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। पहले चरण में यह आंकड़ा 56.79 प्रतिशत था, लेकिन दूसरे चरण में इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोग ने इसे लोकतांत्रिक भागीदारी के लिहाज से सकारात्मक संकेत बताया है।
मतदान के बाद भी सुरक्षा बल तैनात
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान समाप्त होने के बाद भी राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रहेगी। आयोग की योजना के अनुसार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 700 कंपनियां फिलहाल बंगाल में ही रहेंगी।इन बलों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित हिंसा या गड़बड़ी को रोकने के लिए तैनात किया गया है। आयोग का कहना है कि चुनाव परिणाम आने तक सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। राज्य के संवेदनशील राजनीतिक माहौल को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में जुटा हुआ है।