US-ईरान समझौते में लग सकते हैं 6 महीने: खाड़ी और यूरोपीय अधिकारियों का बड़ा आकलन
Mediawali news
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर एक बड़ा आकलन सामने आया है। खाड़ी देशों और यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि इस डील को अंतिम रूप देने में अभी करीब 6 महीने तक का समय लग सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
अमेरिका और Iran के बीच यह बातचीत मुख्य रूप से परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर हो रही है। दोनों पक्षों के बीच कई बार चर्चा के दौर हो चुके हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।
खाड़ी और यूरोपीय अधिकारियों के अनुसार, समझौते की राह आसान नहीं है। कई जटिल मुद्दों पर सहमति बनाना अभी बाकी है, जिनमें प्रतिबंधों में ढील, परमाणु गतिविधियों पर नियंत्रण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम विषय शामिल हैं। यही वजह है कि इस प्रक्रिया में समय लगना स्वाभाविक माना जा रहा है।
इस बीच United States भी इस समझौते को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। अमेरिका चाहता है कि किसी भी समझौते में उसके सुरक्षा हितों और सहयोगी देशों की चिंताओं का पूरा ध्यान रखा जाए। वहीं, ईरान भी अपने आर्थिक हितों और प्रतिबंधों में राहत को लेकर स्पष्ट आश्वासन चाहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह समझौता होता है, तो इसका असर पूरे वेस्ट एशिया क्षेत्र पर पड़ेगा। इससे क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है और वैश्विक स्तर पर तेल बाजार और व्यापार पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह साफ है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी और राजनीतिक दबाव इस प्रक्रिया को धीमा कर रहे हैं। ऐसे में 6 महीने का समय लगने का अनुमान काफी हद तक वास्तविक माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की दिशा में प्रयास जारी हैं, लेकिन अंतिम नतीजे तक पहुंचने के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।